बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
खल परिहास होइ हित मोरा। काक कहहिं कलकंठ कठोरा।।
मूल पाठ
खल परिहास होइ हित मोरा। काक कहहिं कलकंठ कठोरा।।
हंसहि बक दादुर चातकही। हँसहिं मलिन खल बिमल बतकही।।
स्रोत अभिलेख 1.9 · पुस्तक पृ. 29, 30
भावार्थ
मूल पाठ के बादकिन्तु दुष्टोंके हँसनेसे मेरा हित ही होगा। मधुर कण्ठवाली कोयलको कौए तो कठोर ही कहा करते हैं। जैसे बगुले हंसको और मेढक पपीहेको हँसते हैं, वैसे ही मलिन मनवाले दुष्ट निर्मल वाणीको हँसते हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 29 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 खल परिहास होइ हित मोरा। काक कहहिं कलकंठ कठोरा।।
English explanation
AI draft: The mockery of the wicked works to my benefit; crows call the cuckoo harsh-voiced.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| खल | दुष्टों का | of the wicked |
| परिहास | उपहास | mockery |
| होइ | होता है | becomes |
| हित | हितकारी | beneficial |
| मोरा | मेरे लिए | for me |
| काक | कौए | crows |
| कहहिं | कहते हैं | call |
| कलकंठ | मधुर कंठ वाली कोयल को | the sweet-voiced cuckoo |
| कठोरा | कठोर स्वर वाली | harsh-voiced |
2 हंसहि बक दादुर चातकही। हँसहिं मलिन खल बिमल बतकही।।
English explanation
Herons mock the swan, and frogs mock the rain-seeking chataka bird; impure-hearted wicked people mock pure discourse.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हंसहि | हंस पर | at the swan |
| बक | बगुले | herons |
| दादुर | मेंढक | frogs |
| चातकही | चातक पक्षी पर | at the rain-seeking chataka bird |
| हँसहिं | हँसते हैं | laugh mockingly |
| मलिन | मलिन मन वाले | impure-hearted |
| खल | दुष्ट | wicked people |
| बिमल | निर्मल | pure |
| बतकही | बातों पर | at discourse |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.9
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 29
- सहायक विषय
- तुलसीदासजीकी दीनता और रामभक्तिमयी कविताकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 29, 30
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।