बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कोल बिलोकि भूप बड़ धीरा। भागि पैठ गिरिगुहाँ गभीरा।।
मूल पाठ
कोल बिलोकि भूप बड़ धीरा। भागि पैठ गिरिगुहाँ गभीरा।।
अगम देखि नृप अति पछिताई। फिरेउ महाबन परेउ भुलाई।।
स्रोत अभिलेख 1.157 · पुस्तक पृ. 162, 163
भावार्थ
मूल पाठ के बादराजाको बड़ा धैर्यवान् देखकर, सूअर भागकर पहाड़की एक गहरी गुफामें जा घुसा। उसमें जाना कठिन देखकर राजाको बहुत पछताकर लौटना पड़ा; पर उस घोर वनमें वह रास्ता भूल गया॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 162 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कोल बिलोकि भूप बड़ धीरा। भागि पैठ गिरिगुहाँ गभीरा।।
English explanation
Seeing the king’s great resolve, the boar fled into a deep mountain cave.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कोल | वराह | the boar |
| बिलोकि | देखकर | seeing |
| भूप | राजा को | the king |
| बड़ | बहुत | very |
| धीरा | धैर्यवान और दृढ़ | steadfast and resolute |
| भागि | भागकर | fleeing |
| पैठ | घुस गया | entered |
| गिरिगुहाँ | पर्वत की गुफा में | into a mountain cave |
| गभीरा | गहरी | deep |
2 अगम देखि नृप अति पछिताई। फिरेउ महाबन परेउ भुलाई।।
English explanation
Seeing that the cave was inaccessible, the king deeply regretted it; he turned back but lost his way in the vast forest.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अगम | पहुँच से बाहर, दुर्गम | inaccessible |
| देखि | देखकर | seeing |
| नृप | राजा | the king |
| अति | बहुत | greatly |
| पछिताई | पछताया | regretted it |
| फिरेउ | लौट चला | turned back |
| महाबन | विशाल वन में | in the vast forest |
| परेउ | पड़ गया | fell into |
| भुलाई | रास्ता भूलने की दशा | the state of losing his way |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.157
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 162
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 162, 163
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।