बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कुमुदबंधु कर निंदक हाँसा। भृकुटी बिकट मनोहर नासा।।
मूल पाठ
कुमुदबंधु कर निंदक हाँसा। भृकुटी बिकट मनोहर नासा।।
भाल बिसाल तिलक झलकाहीं। कच बिलोकि अलि अवलि लजाहीं।।
स्रोत अभिलेख 1.243 · पुस्तक पृ. 236, 237
भावार्थ
मूल पाठ के बादहँसी चन्द्रमाकी किरणोंका तिरस्कार करनेवाली है। भौंहें टेढ़ी और नासिका मनोहर है। [ऊँचे] चौड़े ललाटपर तिलक झलक रहे हैं (दीप्तिमान् हो रहे हैं)। [काले घँुघराले] बालोंको देखकर भौंरोंकी पंक्तियाँ भी लजा जाती हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 237 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कुमुदबंधु कर निंदक हाँसा। भृकुटी बिकट मनोहर नासा।।
English explanation
Their smiles outshine moonbeams; their brows are striking, and their noses are lovely.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कुमुदबंधु | कुमुद का मित्र, चंद्रमा | the moon, friend of night-blooming lilies |
| कर | किरणों को | rays |
| निंदक | मात देने वाली | outshining |
| हाँसा | हँसी; मुसकान | smiles |
| भृकुटी | भौंहें | brows |
| बिकट | प्रखर; प्रभावशाली | striking; formidable |
| मनोहर | मनोहर | lovely |
| नासा | नाक | noses |
2 भाल बिसाल तिलक झलकाहीं। कच बिलोकि अलि अवलि लजाहीं।।
English explanation
Tilaks shine on their broad foreheads; rows of bees are put to shame on seeing their hair.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भाल | माथे | foreheads |
| बिसाल | चौड़े | broad |
| तिलक | माथे के शुभ चिह्न | forehead marks |
| झलकाहीं | दमकते हैं | shine |
| कच | केश | hair |
| बिलोकि | देखकर | on seeing |
| अलि | भौंरों की | of bees |
| अवलि | पंक्तियाँ | rows |
| लजाहीं | लजा जाती हैं | are put to shame |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.243
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 237
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मणसहित विश्वामित्रका यज्ञशालामें प्रवेश
- मुद्रित पृष्ठ
- 236, 237
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