बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कीन्हें प्राकृत जन गुन गाना। सिर धुनि गिरा लगत पछिताना।।
मूल पाठ
कीन्हें प्राकृत जन गुन गाना। सिर धुनि गिरा लगत पछिताना।।
हृदय सिंधु मति सीप समाना। स्वाति सारदा कहहिं सुजाना।।
स्रोत अभिलेख 1.11 · पुस्तक पृ. 32, 32
भावार्थ
मूल पाठ के बादसंसारी मनुष्योंका गुणगान करनेसे सरस्वतीजी सिर धुनकर पछताने लगती हैं [कि मैं क्यों इसके बुलानेपर आयी]। बुद्धिमान् लोग हृदयको समुद्र, बुद्धिको सीप और सरस्वतीको स्वाति नक्षत्रके समान कहते हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 32 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कीन्हें प्राकृत जन गुन गाना। सिर धुनि गिरा लगत पछिताना।।
English explanation
When the virtues of worldly people are sung, Speech beats her head and begins to regret it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कीन्हें | किए जाने पर | upon doing |
| प्राकृत | सांसारिक; साधारण | worldly; ordinary |
| जन | लोगों के | of people |
| गुन | गुणों का | of virtues |
| गाना | गान | singing; praise |
| सिर | सिर | head |
| धुनि | पीटकर | beating |
| गिरा | वाणी; सरस्वती | Speech, personified as Saraswati |
| लगत | लगती है | begins |
| पछिताना | पछताना | to regret |
2 हृदय सिंधु मति सीप समाना। स्वाति सारदा कहहिं सुजाना।।
English explanation
The wise say that the heart is like an ocean, the intellect like an oyster, and Saraswati like Swati.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हृदय | हृदय | heart |
| सिंधु | समुद्र | ocean |
| मति | बुद्धि | intellect |
| सीप | सीप | oyster shell |
| समाना | के समान | like |
| स्वाति | स्वाति नक्षत्र | the Swati asterism |
| सारदा | सरस्वती; वाणी की देवी | Saraswati, goddess of speech |
| कहहिं | कहते हैं | say |
| सुजाना | ज्ञानी लोग | the wise |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.11
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 32
- सहायक विषय
- तुलसीदासजीकी दीनता और रामभक्तिमयी कविताकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 32, 32
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