बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
काम कुसुम धनु सायक लीन्हे। सकल भुवन अपने बस कीन्हे।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दकामदेवने फूलोंका ही धनुष-बाण लेकर समस्त लोकोंको अपने वशमें कर रखा है। हे देवी! ऐसा जानकर सन्देह त्याग दीजिये। हे रानी! सुनिये, रामचन्द्रजी धनुषको अवश्य ही तोड़ेंगे॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 249 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
काम कुसुम धनु सायक लीन्हे। सकल भुवन अपने बस कीन्हे।।
देबि तजिअ संसउ अस जानी। भंजब धनुष रामु सुनु रानी।।
स्रोत अभिलेख 1.257 · पुस्तक पृ. 249, 249
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 काम कुसुम धनु सायक लीन्हे। सकल भुवन अपने बस कीन्हे।।
English explanation
AI draft: The god of love took up his bow and arrows of flowers and brought all the worlds under his sway.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| काम | कामदेव, प्रेम के देवता | the god of love |
| कुसुम | फूलों के | of flowers |
| धनु | धनुष | bow |
| सायक | बाण | arrows |
| लीन्हे | ले लिए | took up |
| सकल | समस्त | all |
| भुवन | लोकों को | the worlds |
| अपने | अपने | his own |
| बस | वश में | under sway |
| कीन्हे | कर लिया | brought |
2 देबि तजिअ संसउ अस जानी। भंजब धनुष रामु सुनु रानी।।
English explanation
O lady, knowing this, set aside your doubt. Listen, O queen: Rama will break the bow.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देबि | हे देवी | O lady |
| तजिअ | छोड़ दीजिए | please abandon |
| संसउ | संदेह | doubt |
| अस | ऐसा | this |
| जानी | जानकर | knowing |
| भंजब | तोड़ेंगे | will break |
| धनुष | धनुष को | the bow |
| रामु | राम | Rama |
| सुनु | सुनिए | listen |
| रानी | हे रानी | O queen |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.257
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 249
- सहायक विषय
- श्रीलक्ष्मणजीका क्रोध
- मुद्रित पृष्ठ
- 249, 249
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।