बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कामरूप जानहिं सब माया। सपनेहुँ जिन्ह कें धरम न दाया।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दसभी राक्षस मनमाना रूप बना सकते थे और [आसुरी] माया जानते थे। उनके दया-धर्म स्वप्रमें भी नहीं था। एक बार सभामें बैठे हुए रावणने अपने अगणित परिवारको देखा—॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 181 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
कामरूप जानहिं सब माया। सपनेहुँ जिन्ह कें धरम न दाया।।
दसमुख बैठ सभाँ एक बारा। देखि अमित आपन परिवारा।।
स्रोत अभिलेख 1.181 · पुस्तक पृ. 181, 182
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1कामरूप जानहिं सब माया। सपनेहुँ जिन्ह कें धरम न दाया।।
English explanation
AI draft: These demons can assume forms at will and know every kind of illusion; they have neither righteousness nor compassion, even in dreams.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कामरूप | इच्छानुसार रूप धारण करने वाले | able to assume forms at will |
| जानहिं | जानते हैं | know |
| सब | सभी | all |
| माया | मायावी विद्याएँ | arts of illusion |
| सपनेहुँ | स्वप्न में भी | even in dreams |
| जिन्ह | जिनके | whose |
| कें | यहाँ; उनमें | among; in |
| धरम | धर्म; सदाचरण | righteousness |
| न | नहीं | not |
| दाया | दया | compassion |
2दसमुख बैठ सभाँ एक बारा। देखि अमित आपन परिवारा।।
English explanation
Once, ten-headed Ravana sat in his assembly and surveyed his immense household and following.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दसमुख | दस मुखों वाला रावण | ten-headed Ravana |
| बैठ | बैठा | sat |
| सभाँ | सभा में | in the assembly |
| एक | एक | one |
| बारा | बार; अवसर | occasion |
| देखि | देखकर; देखा | seeing; surveyed |
| अमित | अपरिमित; बहुत विशाल | immense; countless |
| आपन | अपना | his own |
| परिवारा | परिवार और अनुचर | household and following |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.181
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 181
- सहायक विषय
- रावणादिका जन्म, तपस्या और उनका ऐश्वर्य तथा अत्याचार
- मुद्रित पृष्ठ
- 181, 182
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।