बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कह तापस नृप ऐसेइ होऊ। कारन एक कठिन सुनु सोऊ।।
मूल पाठ
कह तापस नृप ऐसेइ होऊ। कारन एक कठिन सुनु सोऊ।।
कालउ तुअ पद नाइहि सीसा। एक बिप्रकुल छाड़ि महीसा।।
स्रोत अभिलेख 1.165 · पुस्तक पृ. 169, 169
भावार्थ
मूल पाठ के बादतपस्वीने कहा—हे राजन्! ऐसा ही हो, पर एक बात कठिन है, उसे भी सुन लो। हे पृथ्वीके स्वामी! केवल ब्राह्मणकुलको छोड़ काल भी तुम्हारे चरणोंपर सिर नवायेगा॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 169 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 कह तापस नृप ऐसेइ होऊ। कारन एक कठिन सुनु सोऊ।।
English explanation
AI draft: The ascetic said, “O king, let it be so. There is one difficult condition; hear it.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कह | कहा | said |
| तापस | तपस्वी ने | the ascetic |
| नृप | हे राजा | O king |
| ऐसेइ | ऐसा ही | just so |
| होऊ | हो | let it be |
| कारन | शर्त; आवश्यक बात | condition; prerequisite |
| एक | एक | one |
| कठिन | कठिन | difficult |
| सुनु | सुनो | listen |
| सोऊ | उसे भी | that too |
2 कालउ तुअ पद नाइहि सीसा। एक बिप्रकुल छाड़ि महीसा।।
English explanation
O king, with the sole exception of the Brahmin community, even Death will bow its head at your feet.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कालउ | काल भी | even Death |
| तुअ | तुम्हारे | your |
| पद | चरणों में | at the feet |
| नाइहि | झुकाएगा | will bow |
| सीसा | सिर | head |
| एक | केवल | only |
| बिप्रकुल | ब्राह्मण कुल को | the Brahmin community |
| छाड़ि | छोड़कर | excepting |
| महीसा | हे राजा | O king |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.165
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 169
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 169, 169
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।