बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कहि अस ब्रह्मभवन मुनि गयऊ। आगिल चरित सुनहु जस भयऊ।।
मूल पाठ
कहि अस ब्रह्मभवन मुनि गयऊ। आगिल चरित सुनहु जस भयऊ।।
पतिहि एकांत पाइ कह मैना। नाथ न मैं समुझे मुनि बैना।।
स्रोत अभिलेख 1.71 · पुस्तक पृ. 88, 89
भावार्थ
मूल पाठ के बादयों कहकर नारद मुनि ब्रह्मलोकको चले गये। अब आगे जो चरित्र हुआ उसे सुनो। पतिको एकान्तमें पाकर मैनाने कहा—हे नाथ! मैंने मुनिके वचनोंका अर्थ नहीं समझा॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 88 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 कहि अस ब्रह्मभवन मुनि गयऊ। आगिल चरित सुनहु जस भयऊ।।
English explanation
AI draft: Having said this, sage Narada went to Brahma’s abode. Now hear the further events as they unfolded.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहि | कहकर | having said |
| अस | ऐसा | this |
| ब्रह्मभवन | ब्रह्मा के लोक को | to Brahma’s abode |
| मुनि | नारद मुनि | sage Narada |
| गयऊ | चले गए | went |
| आगिल | आगे की | subsequent |
| चरित | कथा | events of the story |
| सुनहु | सुनिए | listen |
| जस | जैसी | as |
| भयऊ | घटी | happened |
2 पतिहि एकांत पाइ कह मैना। नाथ न मैं समुझे मुनि बैना।।
English explanation
Finding her husband alone, Maina said, “My lord, I did not understand the sage’s words.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पतिहि | पति को | her husband |
| एकांत | एकांत में | in private |
| पाइ | पाकर | having found |
| कह | कहती हैं | says |
| मैना | मैना, पार्वती की माता | Maina, Parvati’s mother |
| नाथ | हे स्वामी | my lord |
| न | नहीं | not |
| मैं | मैं | I |
| समुझे | समझी | understood |
| मुनि | मुनि के | the sage’s |
| बैना | वचन | words |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.71
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 88
- सहायक विषय
- पार्वतीका जन्म और तपस्या
- मुद्रित पृष्ठ
- 88, 89
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।