बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कहहु कवन सुखु अस बरु पाएँ। भल भूलिहु ठग के बौराएँ।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दऐसे वरके मिलनेसे कहो, तुम्हें क्या सुख होगा? तुम उस ठग (नारद) के बहकावेमें आकर खूब भूलीं। पहले पंचोंके कहनेसे शिवने सतीसे विवाह किया था, परन्तु फिर उसे त्यागकर मरवा डाला॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 95 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
कहहु कवन सुखु अस बरु पाएँ। भल भूलिहु ठग के बौराएँ।।
पंच कहें सिवँ सती बिबाही। पुनि अवडेरि मराएन्हि ताही।।
स्रोत अभिलेख 1.79 · पुस्तक पृ. 94, 95
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कहहु कवन सुखु अस बरु पाएँ। भल भूलिहु ठग के बौराएँ।।
English explanation
Tell us, what happiness could such a bridegroom bring? Misled by that deceiver, you have gone badly astray.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहहु | बताओ | tell us |
| कवन | कौन-सा | what |
| सुखु | सुख | happiness |
| अस | ऐसा | such |
| बरु | वर; पति | bridegroom; husband |
| पाएँ | पाने पर | upon obtaining |
| भल | खूब; बड़ी तरह | thoroughly; badly |
| भूलिहु | तुम भूल कर बैठीं | you have gone astray |
| ठग | ठग, अर्थात नारद | the deceiver, meaning Narada |
| के | के | by; of |
| बौराएँ | बहकाए जाने से | through being misled |
2 पंच कहें सिवँ सती बिबाही। पुनि अवडेरि मराएन्हि ताही।।
English explanation
At the elders’ urging, Shiva married Sati; then, neglecting her, he caused her death.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पंच | पंचों; समाज के मान्य जनों के | the elders; community representatives |
| कहें | कहने पर | at the urging of |
| सिवँ | शिव ने | Shiva |
| सती | सती को, शिव की पूर्व पत्नी | Sati, Shiva’s former wife |
| बिबाही | विवाह किया | married |
| पुनि | फिर | then |
| अवडेरि | उपेक्षा करके; छोड़कर | neglecting; abandoning |
| मराएन्हि | उन्होंने मरवा दिया | he caused her death |
| ताही | उसी सती को | that very Sati |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.79
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 95
- सहायक विषय
- सप्तर्षियोंकी परीक्षामें पार्वतीजीका महत्त्व
- मुद्रित पृष्ठ
- 94, 95
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।