बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कलि बिलोकि जग हित हर गिरिजा। साबर मंत्र जाल जिन्ह सिरिजा।।
मूल पाठ
कलि बिलोकि जग हित हर गिरिजा। साबर मंत्र जाल जिन्ह सिरिजा।।
अनमिल आखर अरथ न जापू। प्रगट प्रभाउ महेस प्रतापू।।
स्रोत अभिलेख 1.15 · पुस्तक पृ. 37, 38
भावार्थ
मूल पाठ के बादजिन शिव-पार्वतीने कलियुगको देखकर, जगत्के हितके लिये, शाबर मन्त्रसमूहकी रचना की, जिन मन्त्रोंके अक्षर बेमेल हैं, जिनका न कोई ठीक अर्थ होता है और न जप ही होता है, तथापि श्रीशिवजीके प्रतापसे जिनका प्रभाव प्रत्यक्ष है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 37 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 कलि बिलोकि जग हित हर गिरिजा। साबर मंत्र जाल जिन्ह सिरिजा।।
English explanation
Seeing the age of Kali, Shiva and Parvati created a collection of Shabar mantras for the world’s welfare.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कलि | कलियुग | the age of Kali |
| बिलोकि | देखकर | having observed |
| जग | जगत के | of the world |
| हित | कल्याण के लिए | for the welfare |
| हर | शिव | Shiva |
| गिरिजा | पर्वतराज की पुत्री पार्वती | Parvati, daughter of the mountain king |
| साबर | शाबर परंपरा के | of the Shabar tradition |
| मंत्र | मंत्र | mantras |
| जाल | समूह | collection |
| जिन्ह | जिन्होंने | who |
| सिरिजा | रचा | created |
2 अनमिल आखर अरथ न जापू। प्रगट प्रभाउ महेस प्रतापू।।
English explanation
Their syllables are incongruous and their meaning is not understood, yet their efficacy is evident through Shiva’s power.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अनमिल | बेमेल | incongruous |
| आखर | अक्षर या ध्वनियाँ | letters or syllables |
| अरथ | अर्थ | meaning |
| न | नहीं | not |
| जापू | समझ में आता | is understood |
| प्रगट | प्रत्यक्ष | evident |
| प्रभाउ | प्रभाव | efficacy |
| महेस | शिव के | of Shiva |
| प्रतापू | प्रताप से | through the power |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.15
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 37
- सहायक विषय
- वाल्मीकि, वेद, ब्रह्मा, देवता, शिव, पार्वती आदिकी वन्दना
- मुद्रित पृष्ठ
- 37, 38
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।