बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
करि मुनि चरन सरोज प्रनामा। आयसु पाइ कीन्ह बिश्रामा।।
मूल पाठ
करि मुनि चरन सरोज प्रनामा। आयसु पाइ कीन्ह बिश्रामा।।
बिगत निसा रघुनायक जागे। बंधु बिलोकि कहन अस लागे।।
स्रोत अभिलेख 1.238 · पुस्तक पृ. 232, 233
भावार्थ
मूल पाठ के बादमुनिके चरणकमलोंमें प्रणाम करके, आज्ञा पाकर उन्होंने विश्राम किया; रात बीतनेपर श्रीरघुनाथजी जागे और भाईको देखकर ऐसा कहने लगे—॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 232 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 करि मुनि चरन सरोज प्रनामा। आयसु पाइ कीन्ह बिश्रामा।।
English explanation
After bowing to the sage’s lotus feet and receiving his permission, Rama rested.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | करके | having performed |
| मुनि | मुनि विश्वामित्र के | of the sage Vishvamitra |
| चरन | चरण | feet |
| सरोज | कमल | lotuses |
| प्रनामा | प्रणाम | reverent bow |
| आयसु | आज्ञा | permission |
| पाइ | पाकर | having received |
| कीन्ह | किया | took |
| बिश्रामा | विश्राम | rest |
2 बिगत निसा रघुनायक जागे। बंधु बिलोकि कहन अस लागे।।
English explanation
When the night had passed, Rama, lord of the Raghu lineage, awoke and, looking at his brother Lakshmana, began to speak thus.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिगत | बीत जाने पर | having passed |
| निसा | रात | the night |
| रघुनायक | रघुकुल के नायक राम | Rama, lord of the Raghu lineage |
| जागे | जागे | awoke |
| बंधु | भाई लक्ष्मण को | his brother Lakshmana |
| बिलोकि | देखकर | looking at |
| कहन | कहने | to speak |
| अस | इस प्रकार | thus |
| लागे | लगे | began |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.238
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 232
- सहायक विषय
- श्रीसीताजीका पार्वती-पूजन एवं वरदानप्राप्ति तथा राम-लक्ष्मण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 232, 233
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।