बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
करि बिनती पद गहि दससीसा। बोलेउ बचन सुनहु जगदीसा।।
मूल पाठ
करि बिनती पद गहि दससीसा। बोलेउ बचन सुनहु जगदीसा।।
हम काहू के मरहिं न मारें। बानर मनुज जाति दुइ बारें।।
स्रोत अभिलेख 1.177 · पुस्तक पृ. 178, 178
भावार्थ
मूल पाठ के बादरावणने विनय करके और चरण पकड़कर कहा—हे जगदीश्वर! सुनिये, वानर और मनुष्य— इन दो जातियोंको छोड़कर हम और किसीके मारे न मरें [यह वर दीजिये]॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 178 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 करि बिनती पद गहि दससीसा। बोलेउ बचन सुनहु जगदीसा।।
English explanation
Ravana offered a supplication, clasped Brahma’s feet, and said, ‘Lord of the world, hear my words.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | करके | having made |
| बिनती | विनती | a supplication |
| पद | चरण | feet |
| गहि | पकड़कर | having clasped |
| दससीसा | दस सिरों वाला रावण | Ravana, the ten-headed one |
| बोलेउ | बोला | said |
| बचन | वचन | words |
| सुनहु | सुनिए | please hear |
| जगदीसा | हे जगत के स्वामी | O Lord of the world |
2 हम काहू के मरहिं न मारें। बानर मनुज जाति दुइ बारें।।
English explanation
‘May I not die at anyone’s hands, except those of monkeys and humans.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हम | मैं | I |
| काहू | किसी के | anyone |
| के | के द्वारा | by |
| मरहिं | मरूँ | may die |
| न | नहीं | not |
| मारें | मारे जाने पर | when killed or struck |
| बानर | वानर | monkeys |
| मनुज | मनुष्य | humans |
| जाति | जातियाँ | kinds of beings |
| दुइ | दो | two |
| बारें | छोड़कर | excepting |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.177
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 178
- सहायक विषय
- रावणादिका जन्म, तपस्या और उनका ऐश्वर्य तथा अत्याचार
- मुद्रित पृष्ठ
- 178, 178
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।