बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
करि बिनती निज कथा सुनाई। रंग अवनि सब मुनिहि देखाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दविनती करके अपनी कथा सुनायी और मुनिको सारी रंगभूमि (यज्ञशाला) दिखलायी। [मुनिके साथ] दोनों श्रेष्ठ राजकुमार जहाँ-जहाँ जाते हैं, वहाँ-वहाँ सब कोई आश्चर्यचकित हो देखने लगते हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 237 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
करि बिनती निज कथा सुनाई। रंग अवनि सब मुनिहि देखाई।।
जहँ जहँ जाहि कुअँर बर दोऊ। तहँ तहँ चकित चितव सबु कोऊ।।
स्रोत अभिलेख 1.244 · पुस्तक पृ. 237, 238
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 करि बिनती निज कथा सुनाई। रंग अवनि सब मुनिहि देखाई।।
English explanation
Making a respectful request, Janaka related his account and showed the sage the entire arena.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | करके | having made |
| बिनती | विनती | respectful request |
| निज | अपना | his own |
| कथा | वृत्तांत | account |
| सुनाई | सुनाया | related |
| रंग | समारोह की | of the ceremonial arena |
| अवनि | भूमि | ground |
| सब | पूरी | entire |
| मुनिहि | मुनि को | to the sage |
| देखाई | दिखाई | showed |
2 जहँ जहँ जाहि कुअँर बर दोऊ। तहँ तहँ चकित चितव सबु कोऊ।।
English explanation
Wherever the two handsome princes go, everyone there gazes at them in wonder.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जहँ | जहाँ | wherever |
| जहँ | जहाँ भी | at each place |
| जाहि | जाते हैं | go |
| कुअँर | राजकुमार | princes |
| बर | सुंदर; श्रेष्ठ | handsome; excellent |
| दोऊ | दोनों | both |
| तहँ | वहाँ | there |
| तहँ | वहाँ हर स्थान पर | at every such place |
| चकित | विस्मित होकर | in wonder |
| चितव | देखता है | gazes |
| सबु | हर | every |
| कोऊ | कोई | person |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.244
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 237
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मणसहित विश्वामित्रका यज्ञशालामें प्रवेश
- मुद्रित पृष्ठ
- 237, 238
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