बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
करि प्रनाम रामहि त्रिपुरारी। हरषि सुधा सम गिरा उचारी।।
मूल पाठ
करि प्रनाम रामहि त्रिपुरारी। हरषि सुधा सम गिरा उचारी।।
धन्य धन्य गिरिराजकुमारी। तुम्ह समान नहिं कोउ उपकारी।।
स्रोत अभिलेख 1.112 · पुस्तक पृ. 125, 125
भावार्थ
मूल पाठ के बादत्रिपुरासुरका वध करनेवाले शिवजी श्रीरामचन्द्रजीको प्रणाम करके आनन्दमें भरकर अमृतके समान वाणी बोले—हे गिरिराजकुमारी पार्वती! तुम धन्य हो! धन्य हो!! तुम्हारे समान कोई उपकारी नहीं है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 125 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1करि प्रनाम रामहि त्रिपुरारी। हरषि सुधा सम गिरा उचारी।।
English explanation
Having bowed to Rama, Shiva, the destroyer of Tripura, joyfully spoke words like nectar.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | करके | having performed |
| प्रनाम | प्रणाम | a bow; homage |
| रामहि | राम को | to Rama |
| त्रिपुरारी | त्रिपुर का विनाश करने वाले शिव | Shiva, destroyer of Tripura |
| हरषि | हर्षित होकर | joyfully |
| सुधा | अमृत | nectar of immortality |
| सम | के समान | like |
| गिरा | वाणी; वचन | speech; words |
| उचारी | कही; उच्चारित की | uttered; spoke |
2 धन्य धन्य गिरिराजकुमारी। तुम्ह समान नहिं कोउ उपकारी।।
English explanation
Blessed, blessed are you, Parvati, daughter of the mountain king! No one is as beneficent as you.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धन्य | धन्य हो; प्रशंसा के योग्य हो | blessed are you; worthy of praise |
| धन्य | धन्य हो | blessed are you |
| गिरिराजकुमारी | हे पर्वतराज हिमवान की पुत्री पार्वती | O Parvati, daughter of Himavan, king of mountains |
| तुम्ह | तुम्हारे | you; yours |
| समान | के समान | equal to; like |
| नहिं | नहीं | not |
| कोउ | कोई | anyone |
| उपकारी | उपकार करने वाला | benefactor; one who benefits others |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.112
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 125
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 125, 125
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