बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
करि न जाइ सर मज्जन पाना। फिरि आवइ समेत अभिमाना।।
मूल पाठ
करि न जाइ सर मज्जन पाना। फिरि आवइ समेत अभिमाना।।
जौं बहोरि कोउ पूछन आवा। सर निंदा करि ताहि बुझावा।।
स्रोत अभिलेख 1.39 · पुस्तक पृ. 61, 63
भावार्थ
मूल पाठ के बादउससे उस सरोवरमें स्नान और उसका जलपान तो किया नहीं जाता, वह अभिमानसहित लौट आता है। फिर यदि कोई उससे [वहाँका हाल] पूछने आता है, तो वह [अपने अभाग्यकी बात न कहकर] सरोवरकी निन्दा करके उसे समझाता है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 62 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 करि न जाइ सर मज्जन पाना। फिरि आवइ समेत अभिमाना।।
English explanation
Unable to bathe in the lake or drink its water, the person returns with pride intact.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | किया | be done |
| न | नहीं | not |
| जाइ | जा सकता | can |
| सर | सरोवर में; सरोवर का | in or of the lake |
| मज्जन | स्नान | bathing |
| पाना | जल पीना | drinking its water |
| फिरि | लौटकर | back |
| आवइ | आता है | comes |
| समेत | सहित | with |
| अभिमाना | अभिमान | pride |
2 जौं बहोरि कोउ पूछन आवा। सर निंदा करि ताहि बुझावा।।
English explanation
If someone later comes to ask, the person explains matters by disparaging the lake.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौं | यदि | if |
| बहोरि | फिर; बाद में | later; again |
| कोउ | कोई | someone |
| पूछन | पूछने | to ask |
| आवा | आया | came |
| सर | सरोवर की | of the lake |
| निंदा | बुराई | disparagement |
| करि | करके | by making |
| ताहि | उस पूछने वाले को | to that questioner |
| बुझावा | समझाता है | explains |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.39
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 62
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 61, 63
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।