बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
करि छलु मूढ़ हरी बैदेही। प्रभु प्रभाउ तस बिदित न तेही।।
मूल पाठ
करि छलु मूढ़ हरी बैदेही। प्रभु प्रभाउ तस बिदित न तेही।।
मृग बधि बन्धु सहित हरि आए। आश्रमु देखि नयन जल छाए।।
स्रोत अभिलेख 1.49 · पुस्तक पृ. 70, 71
भावार्थ
मूल पाठ के बादमूर्ख (रावण) ने छल करके सीताजीको हर लिया। उसे श्रीरामचन्द्रजीके वास्तविक प्रभावका कुछ भी पता न था। मृगको मारकर भाई लक्ष्मणसहित श्रीहरि आश्रममें आये और उसे खाली देखकर (अर्थात् वहाँ सीताजीको न पाकर) उनके नेत्रोंमें आँसू भर आये॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 71 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 करि छलु मूढ़ हरी बैदेही। प्रभु प्रभाउ तस बिदित न तेही।।
English explanation
Through deceit, the foolish Ravana abducted Sita. He did not know the Lord’s power as it truly was.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | करके | having done |
| छलु | छल | deception |
| मूढ़ | मूर्ख रावण ने | the foolish Ravana |
| हरी | हर लिया; अपहरण किया | carried off; abducted |
| बैदेही | विदेह की पुत्री सीता को | Sita, daughter of the king of Videha |
| प्रभु | प्रभु राम का | Lord Rama’s |
| प्रभाउ | प्रताप; सामर्थ्य | might; power |
| तस | वैसा; उस रूप में | such; as it truly was |
| बिदित | ज्ञात | known |
| न | नहीं | not |
| तेही | उसे, रावण को | to him, Ravana |
2 मृग बधि बन्धु सहित हरि आए। आश्रमु देखि नयन जल छाए।।
English explanation
After killing the deer, Rama returned with his brother. Seeing the hermitage, his eyes filled with tears.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मृग | मृग को | the deer |
| बधि | मारकर | having killed |
| बन्धु | भाई लक्ष्मण | his brother Lakshmana |
| सहित | के साथ | with |
| हरि | भगवान राम | Lord Rama |
| आए | लौट आए | returned |
| आश्रमु | आश्रम को | the hermitage |
| देखि | देखकर | on seeing |
| नयन | आँखों में | in his eyes |
| जल | आँसू | tears |
| छाए | भर गए | welled up |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.49
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 71
- सहायक विषय
- याज्ञवल्क्य-भरद्वाज-संवाद तथा प्रयाग-माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 70, 71
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