बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
करहिं गान बहु तान तरंगा। बहुबिधि क्रीड़हि पानि पतंगा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दवे बहुत प्रकारकी तानोंकी तरङ्गके साथ गाने लगीं और हाथमें गेंद लेकर नाना प्रकारके खेल खेलने लगीं। कामदेव अपने इन सहायकोंको देखकर बहुत प्रसन्न हुआ और फिर उसने नाना प्रकारके मायाजाल किये॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 137 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
करहिं गान बहु तान तरंगा। बहुबिधि क्रीड़हि पानि पतंगा।।
देखि सहाय मदन हरषाना। कीन्हेसि पुनि प्रपंच बिधि नाना।।
स्रोत अभिलेख 1.126 · पुस्तक पृ. 137, 138
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 करहिं गान बहु तान तरंगा। बहुबिधि क्रीड़हि पानि पतंगा।।
English explanation
They sing with many flowing melodic runs; creatures and birds frolic in various ways—the reading ‘पानि’ is uncertain here.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करहिं | करती हैं | perform |
| गान | गायन | singing |
| बहु | अनेक | many |
| तान | सुरों की तानें | melodic runs |
| तरंगा | लहरों की तरह उठती हुई | flowing in waves |
| बहुबिधि | अनेक प्रकार से | in many ways |
| क्रीड़हि | क्रीड़ा करते हैं | frolic |
| पानि | प्राणी, संभवतः | creatures, possibly |
| पतंगा | पक्षी | birds |
2 देखि सहाय मदन हरषाना। कीन्हेसि पुनि प्रपंच बिधि नाना।।
English explanation
Seeing his helpers, Kama rejoiced; he then devised many kinds of deceptive schemes.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखि | देखकर | seeing |
| सहाय | सहायकों को | his helpers |
| मदन | कामदेव | Kama, the god of desire |
| हरषाना | प्रसन्न हुए | rejoiced |
| कीन्हेसि | उन्होंने किए | he carried out |
| पुनि | फिर | then |
| प्रपंच | छल-उपाय | deceptive schemes |
| बिधि | प्रकार से | in ways |
| नाना | अनेक | many |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.126
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 137
- सहायक विषय
- अवतारके हेतु
- मुद्रित पृष्ठ
- 137, 138
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।