बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
करहिं कूटि नारदहि सुनाई। नीकि दीन्हि हरि सुंदरताई।।
मूल पाठ
करहिं कूटि नारदहि सुनाई। नीकि दीन्हि हरि सुंदरताई।।
रीझहि राजकुअँरि छबि देखी। इन्हहि बरिहि हरि जानि बिसेषी।।
स्रोत अभिलेख 1.134 · पुस्तक पृ. 143, 144
भावार्थ
मूल पाठ के बादवे नारदजीको सुना-सुनाकर व्यंग्य वचन कहते थे—भगवान्ने इनको अच्छी 'सुन्दरता दी है। इनकी शोभा देखकर राजकुमारी रीझ ही जायगी और 'हरि (वानर) जानकर इन्हींको खास तौरसे वरेगी॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 143 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 करहिं कूटि नारदहि सुनाई। नीकि दीन्हि हरि सुंदरताई।।
English explanation
They made mocking remarks within Narada’s hearing: ‘What fine beauty Vishnu has given you!’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करहिं | करते हैं | they make |
| कूटि | व्यंग्य; उपहास | mocking remarks |
| नारदहि | नारद को | to Narada |
| सुनाई | सुनाते हुए | within his hearing |
| नीकि | खूब अच्छी | very fine |
| दीन्हि | दी है | has given |
| हरि | हरि अर्थात विष्णु ने | Vishnu |
| सुंदरताई | सुंदरता | beauty |
2 रीझहि राजकुअँरि छबि देखी। इन्हहि बरिहि हरि जानि बिसेषी।।
English explanation
‘The princess will be charmed by his appearance and choose him, taking him to be Hari himself.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रीझहि | रीझ जाएगी | will be charmed |
| राजकुअँरि | राजकुमारी | the princess |
| छबि | रूप-शोभा | appearance |
| देखी | देखकर | on seeing |
| इन्हहि | इन्हीं को; नारद को | this very man, Narada |
| बरिहि | पति के रूप में चुनेगी | will choose as her husband |
| हरि | हरि अर्थात विष्णु | Hari, Vishnu |
| जानि | समझकर | taking him to be |
| बिसेषी | विशेष रूप से; निश्चयपूर्वक | particularly; assuredly |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.134
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 143
- सहायक विषय
- विश्वमोहिनीका स्वयंवर, शिवगणोंको तथा भगवान्को शाप और नारदका मोह-भंग
- मुद्रित पृष्ठ
- 143, 144
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