बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कंबु कंठ अति चिबुक सुहाई। आनन अमित मदन छबि छाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दकण्ठ शङ्खके समान (उतार-चढ़ाववाला, तीन रेखाओंसे सुशोभित) है और ठोड़ी बहुत ही सुन्दर है। मुखपर असंख्य कामदेवोंकी छटा छा रही है। दो-दो सुन्दर दँतुलियाँ हैं, लाल-लाल ओठ हैं। नासिका और तिलक [के सौन्दर्य] का तो वर्णन ही कौन कर सकता है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 199 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
कंबु कंठ अति चिबुक सुहाई। आनन अमित मदन छबि छाई।।
दुइ दुइ दसन अधर अरुनारे। नासा तिलक को बरनै पारे।।
स्रोत अभिलेख 1.199 · पुस्तक पृ. 198, 199
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 कंबु कंठ अति चिबुक सुहाई। आनन अमित मदन छबि छाई।।
English explanation
His neck resembles a conch, and his chin is very lovely; his face is suffused with the beauty of countless love-gods.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कंबु | शंख जैसा | conch-like |
| कंठ | गला | neck |
| अति | अत्यंत | very |
| चिबुक | ठोड़ी | chin |
| सुहाई | सुंदर | lovely |
| आनन | मुख पर | on the face |
| अमित | अनगिनत | countless |
| मदन | कामदेवों की | of love-gods |
| छबि | सुंदरता | beauty |
| छाई | छाई हुई है | is suffused |
2 दुइ दुइ दसन अधर अरुनारे। नासा तिलक को बरनै पारे।।
English explanation
He has two teeth each above and below, and reddish lips. Who can describe the beauty of his nose and forehead mark?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दुइ | दो | two |
| दुइ | दो, प्रत्येक ओर | two, in each set |
| दसन | दाँत | teeth |
| अधर | होंठ | lips |
| अरुनारे | लालिमा लिए हुए | reddish |
| नासा | नाक | nose |
| तिलक | माथे का तिलक | forehead mark |
| को | कौन | who |
| बरनै | वर्णन कर | describe |
| पारे | सकता है | can |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.199
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 199
- सहायक विषय
- श्रीभगवान्का प्राकट्य और बाललीलाका आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 198, 199
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।