बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एहि बिधि संभु सुरन्ह समुझावा। पुनि आगें बर बसह चलावा।।
मूल पाठ
एहि बिधि संभु सुरन्ह समुझावा। पुनि आगें बर बसह चलावा।।
देवन्ह देखे दसरथु जाता। महामोद मन पुलकित गाता।।
स्रोत अभिलेख 1.315 · पुस्तक पृ. 295, 296
भावार्थ
मूल पाठ के बादइस प्रकार शिवजीने देवताओंको समझाया और फिर अपने श्रेष्ठ बैल नन्दीश्वरको आगे बढ़ाया। देवताओंने देखा कि दशरथजी मनमें बड़े ही प्रसन्न और शरीरसे पुलकित हुए चले जा रहे हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 296 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 एहि बिधि संभु सुरन्ह समुझावा। पुनि आगें बर बसह चलावा।।
English explanation
Thus Shiva explained to the gods, then urged his noble bull forward.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहि | इस | this |
| बिधि | प्रकार | manner |
| संभु | शिव | Shiva |
| सुरन्ह | देवताओं को | to the gods |
| समुझावा | समझाया | explained |
| पुनि | फिर | then |
| आगें | आगे | forward |
| बर | श्रेष्ठ | noble |
| बसह | वृषभ; शिव का बैल-वाहन | bull, Shiva's mount |
| चलावा | चलाया; आगे बढ़ाया | urged onward |
2 देवन्ह देखे दसरथु जाता। महामोद मन पुलकित गाता।।
English explanation
The gods saw Dasharatha proceeding, his mind filled with great joy and his body thrilled with goosebumps.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देवन्ह | देवताओं ने | the gods |
| देखे | देखा | saw |
| दसरथु | राजा दशरथ; राम के पिता | King Dasharatha, Rama's father |
| जाता | जाते हुए | proceeding |
| महामोद | अत्यंत आनंद | great joy |
| मन | मन में | in his mind |
| पुलकित | रोमांचित | thrilled with goosebumps |
| गाता | शरीर | body |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.315
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 296
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 295, 296
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।