बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एहि बिधि राम जगत पितु माता। कोसलपुर बासिन्ह सुखदाता।।
मूल पाठ
एहि बिधि राम जगत पितु माता। कोसलपुर बासिन्ह सुखदाता।।
जिन्ह रघुनाथ चरन रति मानी। तिन्ह की यह गति प्रगट भवानी।।
स्रोत अभिलेख 1.2 · पुस्तक पृ. 199, 200
भावार्थ
मूल पाठ के बादइस प्रकार [सम्पूर्ण] जगत्के माता-पिता श्रीरामजी अवधपुरके निवासियोंको सुख देते हैं। जिन्होंने श्रीरामचन्द्रजीके चरणोंमें प्रीति जोड़ी है, हे भवानी! उनकी यह प्रत्यक्ष गति है [कि भगवान् उनके प्रेमवश बाललीला करके उन्हें आनन्द दे रहे हैं]॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 199 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 एहि बिधि राम जगत पितु माता। कोसलपुर बासिन्ह सुखदाता।।
English explanation
AI draft: In this way, Rama, the world's father and mother, gives joy to the residents of Ayodhya.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहि | इस | this |
| बिधि | प्रकार | way |
| राम | भगवान राम | Lord Rama |
| जगत | जगत के | of the world |
| पितु | पिता | father |
| माता | माता | mother |
| कोसलपुर | अयोध्या | Ayodhya |
| बासिन्ह | निवासियों को | to the residents |
| सुखदाता | सुख देने वाले | giver of joy |
2 जिन्ह रघुनाथ चरन रति मानी। तिन्ह की यह गति प्रगट भवानी।।
English explanation
O Bhavani, this state of those who cherished love for Rama's feet is plainly evident.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जिन्ह | जिन्होंने | those who |
| रघुनाथ | भगवान राम के | of Lord Rama |
| चरन | चरणों में | at the feet |
| रति | प्रेम | love |
| मानी | रखा | cherished |
| तिन्ह | उनकी | of those |
| की | की | possessive marker |
| यह | यह | this |
| गति | दशा | state |
| प्रगट | प्रत्यक्ष है | is evident |
| भवानी | हे पार्वती | O Parvati |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.2
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 199
- सहायक विषय
- श्रीभगवान्का प्राकट्य और बाललीलाका आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 199, 200
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।