बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एहि बिधि जनम करम हरि केरे। सुंदर सुखद बिचित्र घनेरे।।
मूल पाठ
एहि बिधि जनम करम हरि केरे। सुंदर सुखद बिचित्र घनेरे।।
कलप कलप प्रति प्रभु अवतरहीं। चारु चरित नानाबिधि करहीं।।
स्रोत अभिलेख 1.14 · पुस्तक पृ. 148, 149
भावार्थ
मूल पाठ के बादइस प्रकार भगवान्के अनेकों सुन्दर, सुखदायक और अलौकिक जन्म और कर्म हैं। प्रत्येक कल्पमें जब-जब भगवान् अवतार लेते हैं और नाना प्रकारकी सुन्दर लीलाएँ करते हैं,॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 148 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 एहि बिधि जनम करम हरि केरे। सुंदर सुखद बिचित्र घनेरे।।
English explanation
AI draft: Thus Hari’s births and deeds are beautiful, joy-giving, wondrous, and numerous.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहि | इस | this |
| बिधि | प्रकार से | in this manner |
| जनम | जन्म; अवतार | births; incarnations |
| करम | कर्म; लीलाएँ | deeds; divine acts |
| हरि | भगवान हरि के | of Lord Hari |
| केरे | के | belonging to |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| सुखद | सुख देने वाले | joy-giving |
| बिचित्र | अद्भुत; विविध | wondrous; varied |
| घनेरे | बहुत-से | numerous |
2 कलप कलप प्रति प्रभु अवतरहीं। चारु चरित नानाबिधि करहीं।।
English explanation
In every cosmic age, the Lord incarnates and performs beautiful deeds of many kinds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कलप | कल्प; सृष्टि का दीर्घ काल | a cosmic age |
| कलप | कल्प; यहाँ हर कल्प | cosmic age; here, each successive age |
| प्रति | प्रत्येक में | in each |
| प्रभु | भगवान | the Lord |
| अवतरहीं | अवतार लेते हैं | incarnates |
| चारु | सुंदर | beautiful |
| चरित | चरित्र; कार्य | deeds; acts |
| नानाबिधि | अनेक प्रकार से | in many ways |
| करहीं | करते हैं | performs |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.14
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 148
- सहायक विषय
- विश्वमोहिनीका स्वयंवर, शिवगणोंको तथा भगवान्को शाप और नारदका मोह-भंग
- मुद्रित पृष्ठ
- 148, 149
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।