बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एहि प्रकार भरि माघ नहाहीं। पुनि सब निज निज आश्रम जाहीं।।
मूल पाठ
एहि प्रकार भरि माघ नहाहीं। पुनि सब निज निज आश्रम जाहीं।।
प्रति संबत अति होइ अनंदा। मकर मज्जि गवनहिं मुनिबृंदा।।
स्रोत अभिलेख 1.45 · पुस्तक पृ. 67, 68
भावार्थ
मूल पाठ के बादइसी प्रकार माघके महीनेभर स्नान करते हैं और फिर सब अपने-अपने आश्रमोंको चले जाते हैं। हर साल वहाँ इसी तरह बड़ा आनन्द होता है। मकरमें स्नान करके मुनिगण चले जाते हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 67 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1एहि प्रकार भरि माघ नहाहीं। पुनि सब निज निज आश्रम जाहीं।।
English explanation
In this way they bathe throughout the month of Magha; then all return to their respective hermitages.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहि | इस | this |
| प्रकार | प्रकार से | in this manner |
| भरि | पूरे समय | throughout |
| माघ | माघ महीने में | the month of Magha |
| नहाहीं | स्नान करते हैं | they bathe |
| पुनि | फिर | then |
| सब | सभी | all |
| निज | अपने | their own |
| निज | अपने | respective |
| आश्रम | आश्रमों को | to the hermitages |
| जाहीं | जाते हैं | they go |
2प्रति संबत अति होइ अनंदा। मकर मज्जि गवनहिं मुनिबृंदा।।
English explanation
Every year there is great joy; after bathing during the Makara period, the company of sages departs.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रति | प्रत्येक | each |
| संबत | वर्ष | year |
| अति | बहुत | great |
| होइ | होता है | there is |
| अनंदा | आनंद | joy |
| मकर | मकर-स्नान के समय में | during the Makara bathing period |
| मज्जि | स्नान करके | having bathed |
| गवनहिं | प्रस्थान करते हैं | depart |
| मुनिबृंदा | मुनियों का समूह | the company of sages |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.45
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 67
- सहायक विषय
- याज्ञवल्क्य-भरद्वाज-संवाद तथा प्रयाग-माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 67, 68
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।