बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एक बार त्रेता जुग माहीं। संभु गए कुंभज रिषि पाहीं।।
मूल पाठ
एक बार त्रेता जुग माहीं। संभु गए कुंभज रिषि पाहीं।।
संग सती जगजननि भवानी। पूजे रिषि अखिलेस्वर जानी।।
स्रोत अभिलेख 1.48 · पुस्तक पृ. 69, 70
भावार्थ
मूल पाठ के बादएक बार त्रेतायुगमें शिवजी अगस्त्य ऋषिके पास गये। उनके साथ जगज्जननी भवानी सतीजी भी थीं। ऋषिने सम्पूर्ण जगत्के ईश्वर जानकर उनका पूजन किया॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 69 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 एक बार त्रेता जुग माहीं। संभु गए कुंभज रिषि पाहीं।।
English explanation
Once in the Treta age, Shiva went to the sage Agastya. (This explanation is an AI draft.)
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एक | एक | one |
| बार | बार; अवसर | occasion |
| त्रेता | त्रेता नामक युग | the Treta age |
| जुग | युग | age |
| माहीं | में | in |
| संभु | शंभु अर्थात शिव | Shiva |
| गए | गए | went |
| कुंभज | कुंभ से जन्मे अगस्त्य | Agastya, the jar-born sage |
| रिषि | ऋषि | sage |
| पाहीं | के पास | to; into the presence of |
2 संग सती जगजननि भवानी। पूजे रिषि अखिलेस्वर जानी।।
English explanation
With him was Sati, Bhavani, the mother of the world. The sage worshipped Shiva, recognizing him as the Lord of all.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| संग | साथ | with him |
| सती | शिव की पत्नी सती | Sati, Shiva’s wife |
| जगजननि | जगत की माता | mother of the world |
| भवानी | भवानी; शिव की शक्ति, यहाँ सती | Bhavani, Shiva’s consort, here Sati |
| पूजे | पूजा की | worshipped |
| रिषि | ऋषि ने | the sage |
| अखिलेस्वर | समस्त जगत का स्वामी | Lord of all |
| जानी | जानकर | recognizing as |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.48
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 69
- सहायक विषय
- याज्ञवल्क्य-भरद्वाज-संवाद तथा प्रयाग-माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 69, 70
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।