बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एक बात नहि मोहि सोहानी। जदपि मोह बस कहेहु भवानी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दपरन्तु हे पार्वती! एक बात मुझे अच्छी नहीं लगी, यद्यपि वह तुमने मोहके वश होकर ही कही है। तुमने जो यह कहा कि वे राम कोई और हैं, जिन्हें वेद गाते और मुनिजन जिनका ध्यान धरते हैं—॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 127 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
एक बात नहि मोहि सोहानी। जदपि मोह बस कहेहु भवानी।।
तुम जो कहा राम कोउ आना। जेहि श्रुति गाव धरहिं मुनि ध्याना।।
स्रोत अभिलेख 1.114 · पुस्तक पृ. 126, 127
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 एक बात नहि मोहि सोहानी। जदपि मोह बस कहेहु भवानी।।
English explanation
O Bhavani, one statement did not please me, although you spoke it under the sway of delusion.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एक | एक | one |
| बात | बात, कथन | statement |
| नहि | नहीं | not |
| मोहि | मुझे | to me |
| सोहानी | अच्छी लगी | was pleasing |
| जदपि | यद्यपि | although |
| मोह | मोह | delusion |
| बस | के वश में | under the sway of |
| कहेहु | तुमने कहा | you said |
| भवानी | हे भवानी, पार्वती | O Bhavani, Parvati |
2 तुम जो कहा राम कोउ आना। जेहि श्रुति गाव धरहिं मुनि ध्याना।।
English explanation
You said that the Rama whom the Vedas sing of and on whom sages meditate is someone else—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तुम | तुमने | you |
| जो | जो बात | the statement that |
| कहा | कही | said |
| राम | राम | Rama |
| कोउ | कोई | someone |
| आना | अन्य, दूसरा | else; another |
| जेहि | जिनका, जिन पर | whom; on whom |
| श्रुति | वेद | the Vedas |
| गाव | गान करते हैं | sing of |
| धरहिं | लगाते हैं, करते हैं | direct; practice |
| मुनि | मुनि, ऋषि | sages |
| ध्याना | ध्यान | meditation |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.114
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 127
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 126, 127
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