बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
उमा महेस बिबाह बराती। ते जलचर अगनित बहुभाँती।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दश्रीपार्वतीजी और शिवजीके विवाहके बराती इस नदीमें बहुत प्रकारके असंख्य जलचर जीव हैं। श्रीरघुनाथजीके जन्मकी आनन्द-बधाइयाँ ही इस नदीके भँवर और तरंगोंकी मनोहरता है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 63 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
उमा महेस बिबाह बराती। ते जलचर अगनित बहुभाँती।।
रघुबर जनम अनंद बधाई। भवँर तरंग मनोहरताई।।
स्रोत अभिलेख 1.4 · पुस्तक पृ. 63, 63
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 उमा महेस बिबाह बराती। ते जलचर अगनित बहुभाँती।।
English explanation
The wedding guests of Uma and Shiva are the countless, varied aquatic creatures in that story-river.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उमा | पार्वती | Parvati |
| महेस | महेश अर्थात शिव | Shiva, the great Lord |
| बिबाह | विवाह के | at the wedding |
| बराती | बारात में आए लोग | members of the wedding procession |
| ते | वे | they |
| जलचर | जल में रहने वाले जीव | aquatic creatures |
| अगनित | अनगिनत | countless |
| बहुभाँती | अनेक प्रकार के | of many kinds |
2 रघुबर जनम अनंद बधाई। भवँर तरंग मनोहरताई।।
English explanation
The joy and congratulations at Rama’s birth are this river’s enchanting eddies and waves.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रघुबर | रघुकुल में श्रेष्ठ श्रीराम का | of Rama, foremost of Raghu’s line |
| जनम | जन्म | birth |
| अनंद | आनंद | joy |
| बधाई | बधाइयाँ और मंगलोत्सव | congratulations and celebrations |
| भवँर | भँवर | eddies |
| तरंग | लहरें | waves |
| मनोहरताई | मन को मोहने वाली सुंदरता | enchanting beauty |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.4
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 63
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 63, 63
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।