बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
उपरोहितहि भवन पहुँचाई। असुर तापसहि खबरि जनाई।।
मूल पाठ
उपरोहितहि भवन पहुँचाई। असुर तापसहि खबरि जनाई।।
तेहिं खल जहँ तहँ पत्र पठाए। सजि सजि सेन भूप सब धाए।।
स्रोत अभिलेख 1.175 · पुस्तक पृ. 176, 177
भावार्थ
मूल पाठ के बादपुरोहितको उसके घर पहुँचाकर असुर (कालकेतु) ने [कपटी] तपस्वीको खबर दी। उस दुष्टने जहाँ-तहाँ पत्र भेजे, जिससे सब [वैरी] राजा सेना सजा-सजाकर [चढ़] दौड़े॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 176 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 उपरोहितहि भवन पहुँचाई। असुर तापसहि खबरि जनाई।।
English explanation
After taking the priest home, the demon informed the ascetic of the news.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उपरोहितहि | पुरोहित को | the priest |
| भवन | घर | home |
| पहुँचाई | पहुँचाकर | having taken to |
| असुर | राक्षस ने | the demon |
| तापसहि | तपस्वी को | to the ascetic |
| खबरि | समाचार | news |
| जनाई | बता दी | made known |
2 तेहिं खल जहँ तहँ पत्र पठाए। सजि सजि सेन भूप सब धाए।।
English explanation
That wicked man sent letters far and wide. All the kings rushed forth, each having readied his army.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहिं | उसने | that |
| खल | दुष्ट ने | wicked man |
| जहँ | जहाँ | here |
| तहँ | तहाँ | and there |
| पत्र | पत्र | letters |
| पठाए | भेजे | sent |
| सजि | सजाकर | having readied |
| सजि | अपनी-अपनी सजाकर | each having equipped |
| सेन | सेनाएँ | armies |
| भूप | राजा | kings |
| सब | सभी | all |
| धाए | दौड़ पड़े | rushed forth |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.175
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 176
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 176, 177
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।