बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
इच्छामय नरबेष सँवारें। होइहउँ प्रगट निकेत तुम्हारे।।
मूल पाठ
इच्छामय नरबेष सँवारें। होइहउँ प्रगट निकेत तुम्हारे।।
अंसन्ह सहित देह धरि ताता। करिहउँ चरित भगत सुखदाता।।
स्रोत अभिलेख 1.152 · पुस्तक पृ. 158, 159
भावार्थ
मूल पाठ के बादइच्छानिॢमत मनुष्यरूप सजकर मैं तुम्हारे घर प्रकट होऊँगा। हे तात! मैं अपने अंशोंसहित देह धारण करके भक्तोंको सुख देनेवाले चरित्र करूँगा॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 158 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 इच्छामय नरबेष सँवारें। होइहउँ प्रगट निकेत तुम्हारे।।
English explanation
AI draft meaning: Fashioning a human form by my own will, I shall appear in your home.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| इच्छामय | अपनी इच्छा से रूप धारण करने वाला | assuming form by one's own will |
| नरबेष | मानव रूप | human form |
| सँवारें | सँवारकर; धारण करके | fashioning; assuming |
| होइहउँ | मैं होऊँगा | I shall be |
| प्रगट | प्रकट | manifest |
| निकेत | घर में | in the home |
| तुम्हारे | तुम्हारे | your |
2 अंसन्ह सहित देह धरि ताता। करिहउँ चरित भगत सुखदाता।।
English explanation
Dear one, taking bodily form together with my portions, I shall perform deeds that bring joy to devotees.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अंसन्ह | अपने अंशों के | with my portions |
| सहित | साथ | together with |
| देह | शरीर | a body |
| धरि | धारण करके | having assumed |
| ताता | हे तात; प्रिय जन | dear one |
| करिहउँ | मैं करूँगा | I shall perform |
| चरित | चरित्र; लीलामय कार्य | deeds; divine exploits |
| भगत | भक्तों को | to devotees |
| सुखदाता | सुख देने वाले | bringing joy |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.152
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 158
- सहायक विषय
- मनु-शतरूपा-तप एवं वरदान
- मुद्रित पृष्ठ
- 158, 159
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।