बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
आश्रम एक दीख मग माहीं। खग मृग जीव जंतु तहँ नाहीं।।
मूल पाठ
आश्रम एक दीख मग माहीं। खग मृग जीव जंतु तहँ नाहीं।।
पूछा मुनिहि सिला प्रभु देखी। सकल कथा मुनि कहा बिसेषी।।
स्रोत अभिलेख 1.21 · पुस्तक पृ. 208, 209
भावार्थ
मूल पाठ के बादमार्गमें एक आश्रम दिखायी पड़ा। वहाँ पशु-पक्षी, कोई भी जीव-जन्तु नहीं था। पत्थरकी एक शिलाको देखकर प्रभुने पूछा, तब मुनिने विस्तारपूर्वक सब कथा कही॥ ६॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 209 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 आश्रम एक दीख मग माहीं। खग मृग जीव जंतु तहँ नाहीं।।
English explanation
An hermitage appeared along the way; there were no birds, beasts, or other living creatures there.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आश्रम | आश्रम | hermitage |
| एक | एक | a |
| दीख | दिखाई दिया | came into view |
| मग | मार्ग | the way |
| माहीं | में | in |
| खग | पक्षी | birds |
| मृग | वन्य पशु | wild beasts |
| जीव | जीव | living beings |
| जंतु | जंतु | creatures |
| तहँ | वहाँ | there |
| नाहीं | नहीं थे | were absent |
2 पूछा मुनिहि सिला प्रभु देखी। सकल कथा मुनि कहा बिसेषी।।
English explanation
Seeing a stone, the Lord asked the sage about it; the sage related the whole story in detail.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पूछा | पूछा | asked |
| मुनिहि | मुनि से | the sage |
| सिला | शिला | a stone |
| प्रभु | प्रभु राम ने | Lord Rama |
| देखी | देखी | saw |
| सकल | पूरी | the entire |
| कथा | कथा | story |
| मुनि | मुनि ने | the sage |
| कहा | कही | related |
| बिसेषी | विस्तार से | in detail |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.21
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 209
- सहायक विषय
- विश्वामित्र-यज्ञकी रक्षा
- मुद्रित पृष्ठ
- 208, 209
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।