बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
आखर अरथ अलंकृति नाना। छंद प्रबंध अनेक बिधाना।।
मूल पाठ
आखर अरथ अलंकृति नाना। छंद प्रबंध अनेक बिधाना।।
भाव भेद रस भेद अपारा। कबित दोष गुन बिबिध प्रकारा।।
स्रोत अभिलेख 1.9 · पुस्तक पृ. 29, 30
भावार्थ
मूल पाठ के बादनाना प्रकारके अक्षर, अर्थ और अलङ्कार, अनेक प्रकारकी छन्दरचना, भावों और रसोंके अपार भेद और कविताके भाँति-भाँतिके गुण-दोष होते हैं॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 30 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 आखर अरथ अलंकृति नाना। छंद प्रबंध अनेक बिधाना।।
English explanation
There are diverse ornaments of wording and meaning, and many forms of metre and poetic composition.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आखर | अक्षर; शब्द-विन्यास | letters; wording |
| अरथ | अर्थ | meaning |
| अलंकृति | काव्य-अलंकार | poetic ornaments |
| नाना | नाना प्रकार के | diverse |
| छंद | छंद | metres |
| प्रबंध | काव्य-प्रबंध | poetic compositions |
| अनेक | अनेक | many |
| बिधाना | विधियाँ; प्रकार | forms; methods |
2 भाव भेद रस भेद अपारा। कबित दोष गुन बिबिध प्रकारा।।
English explanation
There are countless varieties of emotional states and aesthetic sentiments, and diverse kinds of poetic faults and merits.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भाव | भावों के | of emotional states |
| भेद | भेद | varieties |
| रस | काव्य-रसों के | of aesthetic sentiments |
| भेद | भेद | varieties |
| अपारा | असंख्य | countless |
| कबित | काव्य के | of poetry |
| दोष | दोष | faults |
| गुन | गुण | merits |
| बिबिध | विविध | diverse |
| प्रकारा | प्रकार | kinds |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.9
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 30
- सहायक विषय
- तुलसीदासजीकी दीनता और रामभक्तिमयी कविताकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 29, 30
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।