बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अस बिचारि प्रगटउँ निज मोहू। हरहु नाथ करि जन पर छोहू।।
मूल पाठ
अस बिचारि प्रगटउँ निज मोहू। हरहु नाथ करि जन पर छोहू।।
राम नाम कर अमित प्रभावा। संत पुरान उपनिषद गावा।।
स्रोत अभिलेख 1.46 · पुस्तक पृ. 68, 68
भावार्थ
मूल पाठ के बादयही सोचकर मैं अपना अज्ञान प्रकट करता हूँ। हे नाथ! सेवकपर कृपा करके इस अज्ञानका नाश कीजिये। संतों, पुराणों और उपनिषदोंने रामनामके असीम प्रभावका गान किया है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 68 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 अस बिचारि प्रगटउँ निज मोहू। हरहु नाथ करि जन पर छोहू।।
English explanation
Thinking thus, I disclose my own delusion. O lord, have compassion on your servant and dispel it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अस | ऐसा | thus |
| बिचारि | विचारकर | having considered |
| प्रगटउँ | मैं प्रकट करता हूँ | I disclose |
| निज | अपना | my own |
| मोहू | मोह; भ्रम | delusion; confusion |
| हरहु | दूर कीजिए | please dispel |
| नाथ | हे स्वामी | O lord |
| करि | करके | having shown |
| जन | अपने सेवक | your servant |
| पर | पर | toward |
| छोहू | कृपा; दया | compassion |
2 राम नाम कर अमित प्रभावा। संत पुरान उपनिषद गावा।।
English explanation
Saints, the Puranas, and the Upanishads have celebrated the boundless power of Rama’s name.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | भगवान राम | Rama |
| नाम | नाम | name |
| कर | का | of |
| अमित | असीम | boundless |
| प्रभावा | प्रभाव; सामर्थ्य | power; efficacy |
| संत | संतों ने | saints |
| पुरान | पुराणों ने | the Puranas |
| उपनिषद | उपनिषदों ने | the Upanishads |
| गावा | गाया; महिमा कही | have celebrated |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.46
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 68
- सहायक विषय
- याज्ञवल्क्य-भरद्वाज-संवाद तथा प्रयाग-माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 68, 68
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