बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अस पन तुम्ह बिनु करइ को आना। रामभगत समरथ भगवाना।।
मूल पाठ
अस पन तुम्ह बिनु करइ को आना। रामभगत समरथ भगवाना।।
सुनि नभगिरा सती उर सोचा। पूछा सिवहि समेत सकोचा।।
स्रोत अभिलेख 1.57 · पुस्तक पृ. 77, 78
भावार्थ
मूल पाठ के बादआपको छोड़कर दूसरा कौन ऐसी प्रतिज्ञा कर सकता है? आप श्रीरामचन्द्रजीके भक्त हैं, समर्थ हैं और भगवान् हैं। इस आकाशवाणीको सुनकर सतीजीके मनमें चिन्ता हुई और उन्होंने सकुचाते हुए शिवजीसे पूछा—॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 77 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 अस पन तुम्ह बिनु करइ को आना। रामभगत समरथ भगवाना।।
English explanation
‘O mighty Lord Shiva, devotee of Rama! Who else besides you could make such a vow?’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अस | ऐसा | such |
| पन | प्रण | a vow |
| तुम्ह | आपके | you |
| बिनु | बिना / अतिरिक्त | apart from |
| करइ | कर सकता है | could make |
| को | कौन | who |
| आना | दूसरा | else |
| रामभगत | हे राम के भक्त | O devotee of Rama |
| समरथ | समर्थ, शक्तिशाली | mighty |
| भगवाना | हे भगवान शिव | O Lord Shiva |
2 सुनि नभगिरा सती उर सोचा। पूछा सिवहि समेत सकोचा।।
English explanation
Hearing the heavenly voice, Sati grew troubled in her heart. She asked Shiva with hesitation.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | having heard |
| नभगिरा | आकाश की वाणी | the voice from the sky |
| सती | सती, शिव की पत्नी | Sati, Shiva’s wife |
| उर | हृदय में | in her heart |
| सोचा | चिंता हुई | grew troubled |
| पूछा | पूछा | asked |
| सिवहि | शिव से | Shiva |
| समेत | के साथ | with |
| सकोचा | संकोच | hesitation |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.57
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 77
- सहायक विषय
- शिवजीद्वारा सतीका त्याग, शिवजीकी समाधि
- मुद्रित पृष्ठ
- 77, 78
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।