बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
असुर समूह सतावहिं मोही। मै जाचन आयउँ नृप तोही।।
मूल पाठ
असुर समूह सतावहिं मोही। मै जाचन आयउँ नृप तोही।।
अनुज समेत देहु रघुनाथा। निसिचर बध मैं होब सनाथा।।
स्रोत अभिलेख 1.207 · पुस्तक पृ. 205, 206
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[मुनिने कहा—] हे राजन्! राक्षसोंके समूह मुझे बहुत सताते हैं। इसीलिये मैं तुमसे कुछ माँगने आया हूँ। छोटे भाईसहित श्रीरघुनाथजीको मुझे दो। राक्षसोंके मारे जानेपर मैं सनाथ (सुरक्षित) हो जाऊँगा॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 205 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 असुर समूह सतावहिं मोही। मै जाचन आयउँ नृप तोही।।
English explanation
The sage said, ‘Bands of demons torment me. O king, I have come to make a request of you.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| असुर | राक्षसों के | of demons |
| समूह | समूह | bands |
| सतावहिं | सताते हैं | torment |
| मोही | मुझे | me |
| मै | मैं | I |
| जाचन | याचना करने | to make a request |
| आयउँ | आया हूँ | have come |
| नृप | हे राजा | O king |
| तोही | आपसे | of you |
2 अनुज समेत देहु रघुनाथा। निसिचर बध मैं होब सनाथा।।
English explanation
‘Send Rama with his younger brother with me. Through the slaying of the demons, I shall have protection.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अनुज | छोटे भाई लक्ष्मण | younger brother Lakshmana |
| समेत | सहित | together with |
| देहु | दीजिए | give me |
| रघुनाथा | रघुकुल के स्वामी राम को | Rama, lord of Raghu’s lineage |
| निसिचर | राक्षसों के | of demons |
| बध | वध से | through the slaying |
| मैं | मैं | I |
| होब | हो जाऊँगा | shall become |
| सनाथा | रक्षक से युक्त | protected by a guardian |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.207
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 205
- सहायक विषय
- विश्वामित्रका राजा दशरथसे राम-लक्ष्मणको माँगना
- मुद्रित पृष्ठ
- 205, 206
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।