बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अब जौ तुम्हहि सुता पर नेहू। तौ अस जाइ सिखावन देहू।।
मूल पाठ
अब जौ तुम्हहि सुता पर नेहू। तौ अस जाइ सिखावन देहू।।
करै सो तपु जेहिं मिलहिं महेसू। आन उपायँ न मिटहि कलेसू।।
स्रोत अभिलेख 1.72 · पुस्तक पृ. 89, 89
भावार्थ
मूल पाठ के बादअब यदि तुम्हें कन्यापर प्रेम है तो जाकर उसे यह शिक्षा दो कि वह ऐसा तप करे जिससे शिवजी मिल जायँ। दूसरे उपायसे यह क्लेश नहीं मिटेगा॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 89 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 अब जौ तुम्हहि सुता पर नेहू। तौ अस जाइ सिखावन देहू।।
English explanation
AI draft: Now, if you love your daughter, go and give her this counsel.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अब | अब | now |
| जौ | यदि | if |
| तुम्हहि | तुम्हें | you |
| सुता | पुत्री | daughter |
| पर | के प्रति | toward |
| नेहू | प्रेम | affection |
| तौ | तो | then |
| अस | ऐसी | such |
| जाइ | जाकर | having gone |
| सिखावन | सीख | counsel |
| देहू | दो | give |
2 करै सो तपु जेहिं मिलहिं महेसू। आन उपायँ न मिटहि कलेसू।।
English explanation
Let her perform the austerity through which she may attain Shiva; other means will not remove her distress.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करै | करे | let her perform |
| सो | वह पुत्री | she, the daughter |
| तपु | तपस्या | austerity |
| जेहिं | जिससे | through which |
| मिलहिं | मिलें | may be attained |
| महेसू | महेश, शिव | Shiva, the great Lord |
| आन | अन्य | other |
| उपायँ | उपायों से | by means |
| न | नहीं | not |
| मिटहि | मिटेगा | will disappear |
| कलेसू | क्लेश | distress |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.72
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 89
- सहायक विषय
- पार्वतीका जन्म और तपस्या
- मुद्रित पृष्ठ
- 89, 89
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।