बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अब जनि देइ दोसु मोहि लोगू। कटुबादी बालकु बधजोगू।।
मूल पाठ
अब जनि देइ दोसु मोहि लोगू। कटुबादी बालकु बधजोगू।।
बाल बिलोकि बहुत मैं बाँचा। अब यहु मरनिहार भा साँचा।।
स्रोत अभिलेख 1.275 · पुस्तक पृ. 263, 264
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[और बोले—] अब लोग मुझे दोष न दें। यह कड़ुआ बोलनेवाला बालक मारे जानेके ही योग्य है। इसे बालक देखकर मैंने बहुत बचाया, पर अब यह सचमुच मरनेको ही आ गया है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 263 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 अब जनि देइ दोसु मोहि लोगू। कटुबादी बालकु बधजोगू।।
English explanation
Let people not blame me now; this harsh-speaking boy deserves to be slain.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अब | अब | now |
| जनि | न | do not |
| देइ | दें | give |
| दोसु | दोष | blame |
| मोहि | मुझे | to me |
| लोगू | लोग | people |
| कटुबादी | कटु बोलने वाला | harsh-speaking |
| बालकु | बालक | boy |
| बधजोगू | वध के योग्य | deserving to be slain |
2 बाल बिलोकि बहुत मैं बाँचा। अब यहु मरनिहार भा साँचा।।
English explanation
Seeing him as a child, I have spared him much; now he has truly become one destined to die.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बाल | बालक | a child |
| बिलोकि | देखकर | seeing |
| बहुत | बहुत | much |
| मैं | मैंने | I |
| बाँचा | बचाया | spared him |
| अब | अब | now |
| यहु | यह बालक | this boy |
| मरनिहार | मरने वाला | one who is going to die |
| भा | हो गया | has become |
| साँचा | सचमुच | truly |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.275
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 263
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 263, 264
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।