बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अपर हेतु सुनु सैलकुमारी। कहउँ बिचित्र कथा बिस्तारी।।
मूल पाठ
अपर हेतु सुनु सैलकुमारी। कहउँ बिचित्र कथा बिस्तारी।।
जेहि कारन अज अगुन अरूपा। ब्रह्म भयउ कोसलपुर भूपा।।
स्रोत अभिलेख 1.141 · पुस्तक पृ. 149, 150
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे गिरिराजकुमारी! अब भगवान्के अवतारका वह दूसरा कारण सुनो—मैं उसकी विचित्र कथा विस्तार करके कहता हूँ—जिस कारणसे जन्मरहित, निर्गुण और रूपरहित (अव्यक्त सच्चिदानन्दघन) ब्रह्म अयोध्यापुरीके राजा हुए॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 149 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 अपर हेतु सुनु सैलकुमारी। कहउँ बिचित्र कथा बिस्तारी।।
English explanation
AI draft: O Parvati, daughter of the mountain, hear another reason. I shall tell a wondrous story in detail.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अपर | दूसरा; एक और | another |
| हेतु | कारण | reason |
| सुनु | सुनो | listen |
| सैलकुमारी | हे पर्वतपुत्री पार्वती | O Parvati, daughter of the mountain |
| कहउँ | मैं कहता हूँ | I tell |
| बिचित्र | विचित्र; अद्भुत | wondrous |
| कथा | कथा | story |
| बिस्तारी | विस्तार से | in detail |
2 जेहि कारन अज अगुन अरूपा। ब्रह्म भयउ कोसलपुर भूपा।।
English explanation
The reason why the unborn Brahman, beyond qualities and without form, became the king of Ayodhya.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जेहि | जिस | which |
| कारन | कारण | reason |
| अज | अजन्मा | unborn |
| अगुन | गुणों से परे | beyond qualities |
| अरूपा | निराकार | formless |
| ब्रह्म | परम ब्रह्म | the supreme Brahman |
| भयउ | हुआ; बना | became |
| कोसलपुर | अयोध्या का | of Ayodhya |
| भूपा | राजा | king |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.141
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 149
- सहायक विषय
- विश्वमोहिनीका स्वयंवर, शिवगणोंको तथा भगवान्को शाप और नारदका मोह-भंग
- मुद्रित पृष्ठ
- 149, 150
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।