अयोध्याकाण्ड · दोहा 13 · दोहा/सोरठा
सभय रानि कह कहसि किन कुसल रामु महिपालु।
सभय रानि कह कहसि किन कुसल रामु महिपालु।
लखनु भरतु रिपुदमनु सुनि भा कुबरी उर सालु।।13।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 2.13 · पुस्तक पृ. 354, 354
भावार्थ और शब्दार्थ
1सभय रानि कह कहसि किन कुसल रामु महिपालु।
रानी ने डरकर कहा, ‘बताती क्यों नहीं? राम, महाराज दशरथ—सब कुशल तो हैं?’ (प्रश्न अगली पंक्ति में जारी है।)
English explanation
Alarmed, the queen said, ‘Why do you not tell me? Are Rama and King Dasharatha well?’ (The question continues in the next line.)
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सभय | भयभीत होकर | with alarm |
| रानि | रानी कैकेयी ने | Queen Kaikeyi |
| कह | कहा | said |
| कहसि | तू बताती है | you tell |
| किन | क्यों नहीं | why not |
| कुसल | कुशल, सकुशल | well, safe |
| रामु | श्रीराम | Rama |
| महिपालु | राजा दशरथ | King Dasharatha |
2 लखनु भरतु रिपुदमनु सुनि भा कुबरी उर सालु।।13।।
‘लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न भी कुशल हैं?’ यह सुनकर कुबड़ी मंथरा के हृदय में पीड़ा हुई।
English explanation
‘And are Lakshmana, Bharata, and Shatrughna well?’ Hearing this, the hunchbacked Manthara felt a pang in her heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लखनु | राम के भाई लक्ष्मण | Lakshmana, Rama’s brother |
| भरतु | राम के भाई भरत | Bharata, Rama’s brother |
| रिपुदमनु | शत्रुओं का दमन करने वाले शत्रुघ्न | Shatrughna, subduer of enemies |
| सुनि | सुनकर | hearing this |
| भा | हुआ | arose |
| कुबरी | कुबड़ी मंथरा के | of the hunchbacked Manthara |
| उर | हृदय में | in the heart |
| सालु | पीड़ा, चुभन | a pang, pain |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 13
- स्रोत अभिलेख
- 2.13
- सहायक विषय
- सरस्वतीका मन्थराकी बुद्धि फेरना, कैकेयी-मन्थरा-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 354, 354
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।