अयोध्याकाण्ड · दोहा 155 · दोहा/सोरठा
राम राम कहि राम कहि राम राम कहि राम।
राम राम कहि राम कहि राम राम कहि राम।
तनु परिहरि रघुबर बिरहँ राउ गयउ सुरधाम।।155।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 2.155 · पुस्तक पृ. 472, 473
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1राम राम कहि राम कहि राम राम कहि राम।
‘राम, राम’, फिर ‘राम’, फिर ‘राम, राम’, फिर ‘राम’ कहते हुए—
English explanation
Saying “Rama, Rama,” then “Rama,” then “Rama, Rama,” then “Rama”—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम का नाम | Rama’s name |
| राम | राम का नाम | Rama’s name |
| कहि | कहकर | saying |
| राम | राम का नाम | Rama’s name |
| कहि | कहकर | saying |
| राम | राम का नाम | Rama’s name |
| राम | राम का नाम | Rama’s name |
| कहि | कहकर | saying |
| राम | राम का नाम | Rama’s name |
2 तनु परिहरि रघुबर बिरहँ राउ गयउ सुरधाम।।155।।
राम के वियोग में शरीर त्यागकर राजा दशरथ देवताओं के धाम चले गए।
English explanation
Leaving his body in grief at separation from Rama, King Dasharatha went to the abode of the gods.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तनु | शरीर | the body |
| परिहरि | त्यागकर | having relinquished |
| रघुबर | रघुश्रेष्ठ राम के | from Rama, foremost of Raghu’s line |
| बिरहँ | वियोग में | in grief at separation |
| राउ | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| गयउ | गए | went |
| सुरधाम | देवताओं के धाम | to the abode of the gods |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 155
- स्रोत अभिलेख
- 2.155
- सहायक विषय
- दशरथ-सुमन्त्र-संवाद, दशरथ-मरण
- मुद्रित पृष्ठ
- 472, 473
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