अयोध्याकाण्ड · दोहा 109 · दोहा/सोरठा
बिदा किए बटु बिनय करि फिरे पाइ मन काम।
बिदा किए बटु बिनय करि फिरे पाइ मन काम।
उतरि नहाए जमुन जल जो सरीर सम स्याम।।109।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 2.109 · पुस्तक पृ. 433, 434
भावार्थ और शब्दार्थ
1बिदा किए बटु बिनय करि फिरे पाइ मन काम।
राम ने ब्रह्मचारी शिष्यों को विदा किया। वे विनय करके, अपने मन की इच्छा पूरी पाकर लौट गए।
English explanation
Rama bade the young students farewell. After offering their humble respects, they returned with their hearts’ desire fulfilled.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिदा | विदा | farewell |
| किए | किया | bade; dismissed |
| बटु | ब्रह्मचारी शिष्य | young celibate students |
| बिनय | विनम्र निवेदन; आदर | humble respects |
| करि | करके | having offered |
| फिरे | लौट गए | returned |
| पाइ | पाकर | having attained |
| मन | मन की | their hearts’ |
| काम | इच्छा | desire |
2 उतरि नहाए जमुन जल जो सरीर सम स्याम।।109।।
राम ने उतरकर यमुना के जल में स्नान किया, जो उनके शरीर के समान श्याम था।
English explanation
Rama went down and bathed in the Yamuna’s waters, which were dark like his body.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उतरि | नीचे उतरकर | having gone down |
| नहाए | स्नान किया | bathed |
| जमुन | यमुना नदी के | of the Yamuna River |
| जल | जल में | in the water |
| जो | जो | which |
| सरीर | राम के शरीर के | Rama’s body |
| सम | समान | like |
| स्याम | साँवला; गहरे रंग का | dark-hued |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 109
- स्रोत अभिलेख
- 2.109
- सहायक विषय
- प्रयाग पहुँचना, श्रीराम-भरद्वाज-संवाद, यमुनातीरनिवासियोंका प्रेम
- मुद्रित पृष्ठ
- 433, 434
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