अयोध्याकाण्ड · दोहा 58 · दोहा/सोरठा
पिता जनक भूपाल मनि ससुर भानुकुल भानु।
पिता जनक भूपाल मनि ससुर भानुकुल भानु।
पति रबिकुल कैरव बिपिन बिधु गुन रूप निधानु।।58।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 2.58 · पुस्तक पृ. 392, 392
भावार्थ और शब्दार्थ
1पिता जनक भूपाल मनि ससुर भानुकुल भानु।
उनके पिता जनक राजाओं के मणि हैं और ससुर दशरथ सूर्यवंश के सूर्य हैं।
English explanation
Her father Janaka is a jewel among kings, and her father-in-law Dasharatha is the sun of the solar dynasty.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पिता | उनके पिता | her father |
| जनक | मिथिला के राजा जनक | Janaka, king of Mithila |
| भूपाल | राजाओं में | among kings |
| मनि | मणि, श्रेष्ठ रत्न | a jewel; the finest gem |
| ससुर | ससुर दशरथ | her father-in-law, Dasharatha |
| भानुकुल | सूर्यवंश के | of the solar dynasty |
| भानु | सूर्य | the sun |
2 पति रबिकुल कैरव बिपिन बिधु गुन रूप निधानु।।58।।
उनके पति राम सूर्यवंशरूपी कुमुदों के वन के लिए चंद्रमा हैं और गुण तथा सौंदर्य के भंडार हैं।
English explanation
Her husband Rama is the moon to the solar dynasty’s grove of night-blooming water lilies, and a treasure of virtues and beauty.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पति | उनके पति राम | her husband, Rama |
| रबिकुल | सूर्यवंशरूपी | the solar dynasty imagined as |
| कैरव | कुमुदों का | of night-blooming water lilies |
| बिपिन | वन | a grove |
| बिधु | चंद्रमा | the moon |
| गुन | गुणों के | of virtues |
| रूप | सौंदर्य के | of beauty |
| निधानु | भंडार | a treasure |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 58
- स्रोत अभिलेख
- 2.58
- सहायक विषय
- श्रीराम-कौसल्या-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 392, 392
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