अयोध्याकाण्ड · दोहा 179 · दोहा/सोरठा
कारन तें कारजु कठिन होइ दोसु नहि मोर।
कारन तें कारजु कठिन होइ दोसु नहि मोर।
कुलिस अस्थि तें उपल तें लोह कराल कठोर।।179।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 2.179 · पुस्तक पृ. 491, 492
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1कारन तें कारजु कठिन होइ दोसु नहि मोर।
कार्य अपने कारण से अधिक कठोर होता है; इसमें मेरा दोष नहीं।
English explanation
An effect is harder than its cause; the fault is not mine.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कारन | कारण | the cause |
| तें | से | than |
| कारजु | कार्य; कारण से उत्पन्न परिणाम | effect; product |
| कठिन | अधिक कठोर | harder |
| होइ | होता है | is |
| दोसु | दोष | fault |
| नहि | नहीं | not |
| मोर | मेरा | mine |
2 कुलिस अस्थि तें उपल तें लोह कराल कठोर।।179।।
वज्र हड्डी से और लोहा पत्थर से अधिक भयंकर और कठोर होता है।
English explanation
The thunderbolt is more formidable and harder than bone, and iron than stone.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कुलिस | वज्र | the thunderbolt |
| अस्थि | हड्डी | bone |
| तें | से | than |
| उपल | पत्थर | stone |
| तें | से | than |
| लोह | लोहा | iron |
| कराल | भयंकर | formidable |
| कठोर | कठोर | hard |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 179
- स्रोत अभिलेख
- 2.179
- सहायक विषय
- वसिष्ठ-भरत-संवाद, श्रीरामजीको लानेके लिये चित्रकूट जानेकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 491, 492
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