अयोध्याकाण्ड · दोहा 189 · दोहा/सोरठा
अस बिचारि गुहँ ग्याति सन कहेउ सजग सब होहु।
मूल पाठ
अस बिचारि गुहँ ग्याति सन कहेउ सजग सब होहु।
हथवाँसहु बोरहु तरनि कीजिअ घाटारोहु।।189।।
स्रोत अभिलेख 2.189 · पुस्तक पृ. 499, 500
भावार्थ
मूल पाठ के बादऐसा विचारकर गुह (निषादराज) ने अपनी जातिवालोंसे कहा कि सब लोग सावधान हो जाओ। नावोंको हाथमें (कब्जेमें) कर लो और फिर उन्हें डुबा दो तथा सब घाटोंको रोक दो॥ १८९॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 500 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1अस बिचारि गुहँ ग्याति सन कहेउ सजग सब होहु।
English explanation
Thinking thus, Guha told his kinsmen: All of you, be alert.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अस | ऐसा | thus |
| बिचारि | विचार करके | having considered |
| गुहँ | निषादराज गुह ने | Guha, the Nishada chief |
| ग्याति | अपने कुटुंबियों | his kinsmen |
| सन | से | to |
| कहेउ | कहा | said |
| सजग | सतर्क | alert |
| सब | तुम सब | all of you |
| होहु | हो जाओ | become |
2 हथवाँसहु बोरहु तरनि कीजिअ घाटारोहु।।189।।
English explanation
Take control of the boats and sink them; occupy and guard the river landings.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हथवाँसहु | अपने हाथ या नियंत्रण में ले लो | take into your possession or control |
| बोरहु | डुबा दो | sink |
| तरनि | नावें | the boats |
| कीजिअ | करो | make or establish |
| घाटारोहु | घाटों पर अधिकार और पहरा | occupation and guarding of the river landings |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 189
- स्रोत अभिलेख
- 2.189
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 500
- सहायक विषय
- निषादकी शङ्का और सावधानी
- मुद्रित पृष्ठ
- 499, 500
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