अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
हृदयँ हेरि हारेउँ सब ओरा। एकहि भाँति भलेहिं भल मोरा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दमैं अपने हृदयमें सब ओर खोजकर हार गया (मेरी भलाईका कोई साधन नहीं सूझता)। एक ही प्रकार भले ही (निश्चय ही) मेरा भला है। वह यह है कि गुरु महाराज सर्वसमर्थ हैं और श्रीसीतारामजी मेरे स्वामी हैं। इसीसे परिणाम मुझे अच्छा जान पड़ता है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 561 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
हृदयँ हेरि हारेउँ सब ओरा। एकहि भाँति भलेहिं भल मोरा।।
गुर गोसाइँ साहिब सिय रामू। लागत मोहि नीक परिनामू।।
स्रोत अभिलेख 2.261 · पुस्तक पृ. 561, 562
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 हृदयँ हेरि हारेउँ सब ओरा। एकहि भाँति भलेहिं भल मोरा।।
English explanation
I have exhausted myself examining every possibility in my heart; my welfare lies in just one way—in the goodness of the good.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हृदयँ | हृदय में | within my heart |
| हेरि | विचार करके | having examined |
| हारेउँ | मैं थक गया | I grew exhausted |
| सब | सभी | all |
| ओरा | ओर; पक्ष | directions or possibilities |
| एकहि | एक ही | only one |
| भाँति | प्रकार से | way |
| भलेहिं | भले जनों की भलाई से ही | through the goodness of the good alone |
| भल | कल्याण | welfare |
| मोरा | मेरा | my |
2 गुर गोसाइँ साहिब सिय रामू। लागत मोहि नीक परिनामू।।
English explanation
Considering my revered guru and my sovereigns Sita and Rama, the outcome seems good to me.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गुर | गुरु | the spiritual teacher |
| गोसाइँ | पूज्य स्वामी | revered master |
| साहिब | मेरे स्वामी | my sovereigns |
| सिय | सीता | Sita, Rama's wife |
| रामू | राम | Rama |
| लागत | प्रतीत होता है | seems |
| मोहि | मुझे | to me |
| नीक | अच्छा | good |
| परिनामू | अंतिम फल | the outcome |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.261
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 561
- सहायक विषय
- श्रीराम-भरतादिका संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 561, 562
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।