अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
हाट बाट घर गलीं अथाई। कहहिं परसपर लोग लोगाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दबाजार, रास्ते, घर, गली और चबूतरोंपर (जहाँ-तहाँ) पुरुष और स्त्री आपसमें यही कहते हैं कि कल वह शुभ लग्न (मुहूत्र्त) कितने समय है जब विधाता हमारी अभिलाषा पूरी करेंगे॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 352 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
हाट बाट घर गलीं अथाई। कहहिं परसपर लोग लोगाई।।
कालि लगन भलि केतिक बारा। पूजिहि बिधि अभिलाषु हमारा।।
स्रोत अभिलेख 2.11 · पुस्तक पृ. 352, 353
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 हाट बाट घर गलीं अथाई। कहहिं परसपर लोग लोगाई।।
English explanation
In markets, on roads, in homes, lanes, and gathering places, men and women talk with one another.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हाट | बाज़ारों में | in markets |
| बाट | रास्तों पर | on roads |
| घर | घरों में | in homes |
| गलीं | गलियों में | in lanes |
| अथाई | बैठक-स्थलों पर | at gathering places |
| कहहिं | कहते हैं | say |
| परसपर | आपस में | to one another |
| लोग | पुरुष | men |
| लोगाई | स्त्रियाँ | women |
2 कालि लगन भलि केतिक बारा। पूजिहि बिधि अभिलाषु हमारा।।
English explanation
How much longer until tomorrow's auspicious hour? The Creator will fulfill our wish.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कालि | कल | tomorrow |
| लगन | मुहूर्त | appointed auspicious hour |
| भलि | शुभ | auspicious |
| केतिक | कितनी | how much |
| बारा | देर | time remaining |
| पूजिहि | पूरा करेंगे | will fulfill |
| बिधि | विधाता | the Creator |
| अभिलाषु | अभिलाषा | wish |
| हमारा | हमारी | our |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.11
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 352
- सहायक विषय
- रामराज्याभिषेककी तैयारी, देवताओंकी व्याकुलता तथा सरस्वतीजीसे उनकी प्रार्थना
- मुद्रित पृष्ठ
- 352, 353
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।