अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सो तुम्ह करहु करावहु मोहू। तात तरनिकुल पालक होहू।।
मूल पाठ
सो तुम्ह करहु करावहु मोहू। तात तरनिकुल पालक होहू।।
साधक एक सकल सिधि देनी। कीरति सुगति भूतिमय बेनी।।
स्रोत अभिलेख 2.306 · पुस्तक पृ. 600, 600
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे तात! तुम वही करो और मुझसे भी कराओ तथा सूर्यकुलके रक्षक बनो। साधकके लिये यह एक ही (आज्ञापालनरूपी साधना) सम्पूर्ण सिद्धियोंकी देनेवाली, कीॢतमयी, सद्गतिमयी और ऐश्वर्यमयी त्रिवेणी है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 600 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सो तुम्ह करहु करावहु मोहू। तात तरनिकुल पालक होहू।।
English explanation
Obey that command yourself and have me obey it too; dear brother, become the guardian of the solar dynasty.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सो | उसी आज्ञा का पालन | that obedience |
| तुम्ह | तुम | you |
| करहु | करो | carry out |
| करावहु | कराओ | have carried out |
| मोहू | मुझसे भी | by me too |
| तात | प्रिय भाई | dear brother |
| तरनिकुल | सूर्यवंश के | of the solar dynasty |
| पालक | रक्षक | guardian |
| होहू | बनो | become |
2 साधक एक सकल सिधि देनी। कीरति सुगति भूतिमय बेनी।।
English explanation
This obedience is the single means that grants every accomplishment, a threefold confluence of fame, blessed destiny, and prosperity.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| साधक | सफलता साधने वाला उपाय | means of accomplishment |
| एक | एक ही | the single |
| सकल | सभी | all |
| सिधि | सिद्धियाँ और सफलताएँ | accomplishments and attainments |
| देनी | देने वाली | bestowing |
| कीरति | यश | fame |
| सुगति | शुभ गति या कल्याणकारी परिणति | blessed destiny |
| भूतिमय | ऐश्वर्य से युक्त | filled with prosperity |
| बेनी | त्रिवेणी, तीन धाराओं का संगम | a confluence of three streams |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.306
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 600
- सहायक विषय
- श्रीराम-भरत-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 600, 600
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।