अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सहित समाज तुम्हार हमारा। घर बन गुर प्रसाद रखवारा।।
मूल पाठ
सहित समाज तुम्हार हमारा। घर बन गुर प्रसाद रखवारा।।
मातु पिता गुर स्वामि निदेसू। सकल धरम धरनीधर सेसू।।
स्रोत अभिलेख 2.306 · पुस्तक पृ. 600, 600
भावार्थ
मूल पाठ के बादगुरुजीका प्रसाद (अनुग्रह) ही घरमें और वनमें समाजसहित तुम्हारा और हमारा रक्षक है। माता, पिता, गुरु और स्वामीकी आज्ञा [का पालन] समस्त धर्मरूपी पृथ्वीको धारण करनेमें शेषजीके समान है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 600 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सहित समाज तुम्हार हमारा। घर बन गुर प्रसाद रखवारा।।
English explanation
AI-generated interpretive draft: For you and me, together with our respective communities, the guru’s grace is the protector both at home and in the forest.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सहित | साथ सहित | together with |
| समाज | परिजन और साथ के लोग | family and companions |
| तुम्हार | तुम्हारा | your |
| हमारा | हमारा | our |
| घर | घर में | at home |
| बन | वन में | in the forest |
| गुर | गुरु की | the guru’s |
| प्रसाद | कृपा | grace |
| रखवारा | रक्षा करने वाली | protector |
2 मातु पिता गुर स्वामि निदेसू। सकल धरम धरनीधर सेसू।।
English explanation
The command of mother, father, guru, and master supports all duties, just as Shesha supports the earth.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मातु | माता | mother |
| पिता | पिता | father |
| गुर | गुरु | guru or teacher |
| स्वामि | स्वामी | master or lord |
| निदेसू | आज्ञा | command |
| सकल | समस्त | all |
| धरम | धर्मों और कर्तव्यों का | religious and moral duties |
| धरनीधर | पृथ्वी को धारण करने वाले | supporter of the earth |
| सेसू | शेषनाग के समान आधार | a foundation like the serpent Shesha |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.306
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 600
- सहायक विषय
- श्रीराम-भरत-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 600, 600
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।