अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सोह न राम पेम बिनु ग्यानू। करनधार बिनु जिमि जलजानू।।
मूल पाठ
सोह न राम पेम बिनु ग्यानू। करनधार बिनु जिमि जलजानू।।
मुनि बहुबिधि बिदेहु समुझाए। रामघाट सब लोग नहाए।।
स्रोत अभिलेख 2.277 · पुस्तक पृ. 574, 575
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीरामजीके प्रेमके बिना ज्ञान शोभा नहीं देता, जैसे कर्णधारके बिना जहाज। वसिष्ठजीने विदेहराज (जनकजी) को बहुत प्रकारसे समझाया। तदनन्तर सब लोगोंने श्रीरामजीके घाटपर स्नान किया॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 575 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सोह न राम पेम बिनु ग्यानू। करनधार बिनु जिमि जलजानू।।
English explanation
Knowledge lacks grace without love for Rama, just as a boat does without a helmsman.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सोह | शोभा पाता है | has grace; is fitting |
| न | नहीं | not |
| राम | श्रीराम के प्रति | for Rama |
| पेम | प्रेम | love |
| बिनु | बिना | without |
| ग्यानू | ज्ञान | knowledge |
| करनधार | नाव चलाने वाला; कर्णधार | helmsman; boat pilot |
| बिनु | बिना | without |
| जिमि | जैसे | just as |
| जलजानू | नाव; जलयान | boat; vessel |
2 मुनि बहुबिधि बिदेहु समुझाए। रामघाट सब लोग नहाए।।
English explanation
The sage consoled King Janaka of Videha in many ways. Everyone bathed at Ramghat.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मुनि | मुनि ने | the sage |
| बहुबिधि | अनेक प्रकार से | in many ways |
| बिदेहु | विदेहराज जनक को | King Janaka of Videha |
| समुझाए | समझाया; सांत्वना दी | counseled; consoled |
| रामघाट | रामघाट पर | at Ramghat, the bathing place |
| सब | सभी | all |
| लोग | लोग | people |
| नहाए | स्नान किया | bathed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.277
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 575
- सहायक विषय
- जनकजीका पहुँचना, कोल-किरातादिकी भेंट, सबका परस्पर मिलाप
- मुद्रित पृष्ठ
- 574, 575
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।