अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिषई साधक सिद्ध सयाने। त्रिबिध जीव जग बेद बखाने।।
मूल पाठ
बिषई साधक सिद्ध सयाने। त्रिबिध जीव जग बेद बखाने।।
राम सनेह सरस मन जासू। साधु सभाँ बड़ आदर तासू।।
स्रोत अभिलेख 2.277 · पुस्तक पृ. 574, 575
भावार्थ
मूल पाठ के बादविषयी, साधक और ज्ञानवान् सिद्ध पुरुष—जगत्में ये तीन प्रकारके जीव वेदोंने बताये हैं। इन तीनोंमें जिसका चित्त श्रीरामजीके स्नेहसे सरस (सराबोर) रहता है, साधुओंकी सभामें उसीका बड़ा आदर होता है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 575 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बिषई साधक सिद्ध सयाने। त्रिबिध जीव जग बेद बखाने।।
English explanation
The Vedas describe three kinds of beings in the world: those attached to sense pleasures, spiritual practitioners, and accomplished, discerning ones.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिषई | विषय-भोगों में आसक्त लोग | those attached to sense pleasures |
| साधक | साधना करने वाले | spiritual practitioners |
| सिद्ध | साधना में सिद्धि प्राप्त लोग | spiritually accomplished ones |
| सयाने | समझदार; ज्ञानी | discerning; wise |
| त्रिबिध | तीन प्रकार के | of three kinds |
| जीव | जीव; चेतन प्राणी | living beings |
| जग | जगत में | in the world |
| बेद | वेदों ने | the Vedas |
| बखाने | वर्णन किया है | have described |
2 राम सनेह सरस मन जासू। साधु सभाँ बड़ आदर तासू।।
English explanation
Whoever has a heart enriched with love for Rama is greatly honored in the assembly of saints.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | श्रीराम के प्रति | for Rama |
| सनेह | प्रेम | love |
| सरस | प्रेमरस से भरा | enriched with loving feeling |
| मन | मन; हृदय | mind; heart |
| जासू | जिसका | whose |
| साधु | संतों की | of saints |
| सभाँ | सभा में | in the assembly |
| बड़ | बहुत; बड़ा | great |
| आदर | सम्मान | honor |
| तासू | उसका | for that person |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.277
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 575
- सहायक विषय
- जनकजीका पहुँचना, कोल-किरातादिकी भेंट, सबका परस्पर मिलाप
- मुद्रित पृष्ठ
- 574, 575
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।