अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सकल सोक संकुल नर नारी। सो बासरु बीतेउ बिनु बारी।।
मूल पाठ
सकल सोक संकुल नर नारी। सो बासरु बीतेउ बिनु बारी।।
पसु खग मृगन्ह न कीन्ह अहारू। प्रिय परिजन कर कौन बिचारू।।
स्रोत अभिलेख 2.277 · पुस्तक पृ. 574, 575
भावार्थ
मूल पाठ के बादस्त्री-पुरुष सब शोकसे पूर्ण थे। वह दिन बिना ही जलके बीत गया (भोजनकी बात तो दूर रही, किसीने जलतक नहीं पिया)। पशु, पक्षी और हिरनोंतकने कुछ आहार नहीं किया। तब प्रियजनों एवं कुटुम्बियोंका तो विचार ही क्या किया जाय?॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 575 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सकल सोक संकुल नर नारी। सो बासरु बीतेउ बिनु बारी।।
English explanation
All the men and women were overwhelmed with grief. That day passed without their drinking water.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सकल | सभी | all |
| सोक | शोक | grief |
| संकुल | से भरे; व्याकुल | overwhelmed; filled with |
| नर | पुरुष | men |
| नारी | स्त्रियाँ | women |
| सो | वह | that |
| बासरु | दिन | day |
| बीतेउ | बीत गया | passed |
| बिनु | बिना | without |
| बारी | जल | water |
2 पसु खग मृगन्ह न कीन्ह अहारू। प्रिय परिजन कर कौन बिचारू।।
English explanation
Even animals, birds, and wild deer took no food; what, then, can be said of the dear family members?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पसु | पशुओं ने | animals |
| खग | पक्षियों ने | birds |
| मृगन्ह | मृगों ने; वन्य पशुओं ने | deer; wild animals |
| न | नहीं | not |
| कीन्ह | किया | took; did |
| अहारू | भोजन | food; eating |
| प्रिय | प्रिय; प्यारे | dear; beloved |
| परिजन | परिवारजन; स्वजन | family members; kindred |
| कर | का; के विषय में | of; concerning |
| कौन | क्या | what |
| बिचारू | कहना; विचार करना | saying; consideration |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.277
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 575
- सहायक विषय
- जनकजीका पहुँचना, कोल-किरातादिकी भेंट, सबका परस्पर मिलाप
- मुद्रित पृष्ठ
- 574, 575
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।