अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सोक सनेहँ कि बाल सुभाएँ। आयउँ लाइ रजायसु बाएँ।।
मूल पाठ
सोक सनेहँ कि बाल सुभाएँ। आयउँ लाइ रजायसु बाएँ।।
तबहुँ कृपाल हेरि निज ओरा। सबहि भाँति भल मानेउ मोरा।।
स्रोत अभिलेख 2.3 · पुस्तक पृ. 594, 595
भावार्थ
मूल पाठ के बादमैं शोकसे या स्नेहसे या बालकस्वभावसे आज्ञाको बायें लाकर (न मानकर) चला आया, तो भी कृपालु स्वामी (आप) ने अपनी ओर देखकर सभी प्रकारसे मेरा भला ही माना (मेरे इस अनुचित कार्यको अच्छा ही समझा)॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 594 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सोक सनेहँ कि बाल सुभाएँ। आयउँ लाइ रजायसु बाएँ।।
English explanation
Out of grief, affection, or childlike impulsiveness, I came here, setting aside the royal command.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सोक | शोक के कारण | out of grief |
| सनेहँ | स्नेह के कारण | out of affection |
| कि | अथवा | or |
| बाल | बालक जैसा | childlike |
| सुभाएँ | स्वभाव के कारण | owing to temperament |
| आयउँ | मैं आ गया | I came |
| लाइ | रखकर | placing |
| रजायसु | राजा की आज्ञा | the royal command |
| बाएँ | एक ओर; उपेक्षित | aside; disregarded |
2 तबहुँ कृपाल हेरि निज ओरा। सबहि भाँति भल मानेउ मोरा।।
English explanation
Yet, gracious lord, considering your own nature, you regarded my conduct favorably in every way.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तबहुँ | फिर भी | even so |
| कृपाल | हे कृपालु राम | O gracious Rama |
| हेरि | देखकर; विचारकर | looking at; considering |
| निज | अपने | your own |
| ओरा | पक्ष; स्वभाव की ओर | side; nature |
| सबहि | सभी | every |
| भाँति | प्रकार से | way |
| भल | भला | good |
| मानेउ | आपने माना | you regarded |
| मोरा | मेरा आचरण | my conduct |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.3
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 594
- सहायक विषय
- श्रीराम-भरत-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 594, 595
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।